बंगाल में 'कमल' का कमाल: ममता का 15 साल का राज खत्म, पहली बार भाजपा सरकार
पश्चिम बंगाल के राजनीतिक इतिहास में एक ऐतिहासिक बदलाव आया है। 4 मई 2026 को घोषित विधानसभा चुनाव परिणामों के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पहली बार राज्य में पूर्ण बहुमत हासिल कर सरकार बनाने का मार्ग प्रशस्त किया है।
इस चुनाव के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
ऐतिहासिक बहुमत: भाजपा ने 294 सदस्यीय विधानसभा में 206 सीटें जीतकर दो-तिहाई से अधिक बहुमत हासिल किया है।
सत्तारूढ़ दल की हार: ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) का 15 साल पुराना शासन समाप्त हो गया है। TMC को इस बार केवल 81 सीटों पर संतोष करना पड़ा।
बड़ा उलटफेर: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को उनके ही गढ़ भवानीपुर सीट पर भाजपा के शुभेंदु अधिकारी ने 15,105 वोटों के अंतर से हराया।
अन्य परिणाम: कांग्रेस और आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) को 2-2 सीटें मिलीं, जबकि माकपा (CPI-M) को केवल 1 सीट मिली।
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने इस जीत को "सुशासन की राजनीति की जीत" बताया और कहा कि अब बंगाल "भय से मुक्त" हो गया है। 1972 के बाद यह पहली बार होगा जब पश्चिम बंगाल में उसी दल की सरकार होगी जो केंद्र में भी सत्ता में है।
पश्चिम बंगाल के राजनीतिक इतिहास में एक ऐतिहासिक बदलाव आया है। 4 मई 2026 को घोषित विधानसभा चुनाव परिणामों के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पहली बार राज्य में पूर्ण बहुमत हासिल कर सरकार बनाने का मार्ग प्रशस्त किया है।
इस चुनाव के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
ऐतिहासिक बहुमत: भाजपा ने 294 सदस्यीय विधानसभा में 206 सीटें जीतकर दो-तिहाई से अधिक बहुमत हासिल किया है।
सत्तारूढ़ दल की हार: ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) का 15 साल पुराना शासन समाप्त हो गया है। TMC को इस बार केवल 81 सीटों पर संतोष करना पड़ा।
बड़ा उलटफेर: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को उनके ही गढ़ भवानीपुर सीट पर भाजपा के शुभेंदु अधिकारी ने 15,105 वोटों के अंतर से हराया।
अन्य परिणाम: कांग्रेस और आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) को 2-2 सीटें मिलीं, जबकि माकपा (CPI-M) को केवल 1 सीट मिली।
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने इस जीत को "सुशासन की राजनीति की जीत" बताया और कहा कि अब बंगाल "भय से मुक्त" हो गया है। 1972 के बाद यह पहली बार होगा जब पश्चिम बंगाल में उसी दल की सरकार होगी जो केंद्र में भी सत्ता में है।