मुक्तेश्वर धाम में उमेद सिंह बिष्ट का कमाल: बुरांश, नींबू और मालटा से तैयार मॉकटेल बना रोजगार का नया मॉडल”
उत्तराखंड के सुंदर पहाड़ी क्षेत्र मुक्तेश्वर धाम में उमेद सिंह बिष्ट जी ने एक अनोखी पहल कर स्थानीय उत्पादों को नई पहचान देने का सराहनीय कार्य किया है। उन्होंने बुरांश (Rhododendron), नींबू और मालटा जैसे पारंपरिक फलों से स्वादिष्ट और स्वास्थ्यवर्धक मॉकटेल जूस तैयार कर न केवल पर्यटकों को आकर्षित किया है, बल्कि स्वरोजगार का एक मजबूत उदाहरण भी प्रस्तुत किया है।
उत्तराखंड के सुंदर पहाड़ी क्षेत्र मुक्तेश्वर धाम में उमेद सिंह बिष्ट जी ने एक अनोखी पहल कर स्थानीय उत्पादों को नई पहचान देने का सराहनीय कार्य किया है। उन्होंने बुरांश (Rhododendron), नींबू और मालटा जैसे पारंपरिक फलों से स्वादिष्ट और स्वास्थ्यवर्धक मॉकटेल जूस तैयार कर न केवल पर्यटकों को आकर्षित किया है, बल्कि स्वरोजगार का एक मजबूत उदाहरण भी प्रस्तुत किया है।
जहां एक ओर युवा रोजगार के लिए शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं, वहीं उमेद सिंह बिष्ट जी ने यह साबित कर दिया कि यदि सोच और प्रयास सही दिशा में हो, तो पहाड़ में ही अपार संभावनाएं मौजूद हैं। उनका यह प्रयास स्थानीय संसाधनों के उपयोग, पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम है।
मुक्तेश्वर आने वाले पर्यटक इस खास मॉकटेल का स्वाद लेकर न केवल ताजगी का अनुभव करते हैं, बल्कि पहाड़ के असली स्वाद और संस्कृति से भी रूबरू होते हैं। यह पहल स्थानीय किसानों के लिए भी लाभकारी है, क्योंकि इससे उनके उत्पादों की मांग बढ़ रही है।
उमेद सिंह बिष्ट जी का यह कार्य अन्य युवाओं के लिए एक संदेश है कि वे भी अपने आसपास उपलब्ध संसाधनों का सही उपयोग कर स्वरोजगार के नए अवसर तलाश सकते हैं। यदि सही मार्गदर्शन, मेहनत और नवाचार हो, तो पहाड़ का हर युवा आत्मनिर्भर बन सकता है।