उत्तर प्रदेश को सपा,बसपा और कांग्रेस गठबंधन के गुनाहों की प्रयोगशाला नही बनने दिया जाएगा - मुख्तार अब्बास नकवी ।
रामपुर, यूपी (न्यूज़ ग्राउंड) आकाश मिश्रा : केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा देश के विकास व सम्मान को रोकने के लिए बनाया गया गठबंधन गुनाहों की गठरी है। कांग्रेस, सपा व बसपा विकास, सम्मान व स्वाभिमान की दुश्मन हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उरी, पठानकोट व पुलवामा का बदला लिया तो गठबंधन की चीख निकल गई। अभी तक गठबंधन के पास प्रधानमंत्री पद का कोई नाम ही नहीं है। उनके पास गली-गली प्रधानमंत्री बनाने वाले लोग जरूर हैं। कांग्रेस शासन काल में देश में विदेशी दलालों ने दफ्तर खोल रखे थे। मोदी ने विदेश भागने वाले दलालों को गिरेबां पकड़ कर जेल में डालने का काम किया है। यह बात उन्होंने आज रामलीला ग्राउंड, रामपुर (उत्तर प्रदेश) में रामपुर लोकसभा से भाजपा की उम्मीदवार श्रीमती जया प्रदा के समर्थन में जनसभा को सम्बोधित करते हुए श्री नकवी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा में कांग्रेस-सपा गठबंधन में "फेल" लोग अब सपा-बसपा का "एसिड टेस्ट" कर रहे हैं, इनकी ना "केमिस्ट्री मिलती है न फिजिक्स"। इस गठबंधन का प्रयोग भी "टांय-टांय फिस्स" होगा। जनसभा को सम्बोधित करते हुए श्री नकवी ने कहा की तथाकथित महागठबंधन, देश में "कॉन्ट्रैक्ट प्राइम मिनिस्टर" चाहता है "परफेक्ट प्राइम मिनिस्टर" नहीं। महागठबंधन के दल ऐसा प्रधानमंत्री चाहते हैं जिसे वो "रिमोट" से चला सके। लेकिन देश ऐसी स्थिति नहीं चाहता जहाँ 6 महीने एक प्रधानमंत्री रहे, तो अगले 6 महीने कोई दूसरा। श्री नकवी ने कहा कि देश "परफेक्ट प्राइम मिनिस्टर" चाहता है, "कॉन्ट्रैक्ट प्राइम मिनिस्टर" नहीं। और देश को पता है कि "परफेक्ट प्राइम मिनिस्टर" हैं श्री नरेंद्र मोदी जो देश की सुरक्षा-समृद्धि के संकल्प का नाम हैं। श्री नकवी ने कहा कि कांग्रेस गरीबी और गरीबों का मजाक उड़ाने की "हिस्ट्रीशीटर पार्टी" रही है। लेकिन कांग्रेस को यह समझ लेना चाहिए कि "नारों का पहाड़, वोटों का जुगाड़" नहीं हो सकता। श्री नकवी ने कहा कि दशकों तक सत्ता में रहने के बाद भी कांग्रेस ने गरीबों का मजाक उड़ाया है। वहीँ दूसरी ओर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने पिछले 5 वर्षों में गरीबों के हितों के लिए काम किया है; उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त करने के लिए काम किया है। श्री नकवी ने कहा कि "मैक्सिमम करप्शन" के डीएनए से भरपूर कांग्रेस "मिनिमम इनकम" का डायलॉग बोल रही है। जो पार्टी देश की "पॉवर्टी" को "पॉलिटिकल प्रॉपर्टी" समझती रही हो वह गरीबों को गरीबी से बाहर नहीं आने देगी। श्री नकवी ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष श्री राहुल गाँधी लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के सत्ता में आने पर नीति आयोग को भंग करने की बात करते हैं। "सत्ता का उतरता सुरूर और शहजादे का सामंती गुरुर" सर चढ़ कर बोल रहा है। जब कांग्रेस सरकार में थी तब संवैधानिक संस्थाओं का "आपराधिक दुरूपयोग" करती थी और अब विपक्ष में संवैधानिक संस्थाओं को धमकाने-बदनाम करने की साजिश कर रही है। श्री नकवी ने कहा कि कांग्रेस पिछले 5 वर्षों में चुनाव आयोग, सीवीसी और अब नीति आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने और उनकी गरिमा को नुकसान पहुँचाने की साजिश कर रही है। “रस्सी जल गई पर बल नहीं गया।" “इस चुनाव में जनता इस जली हुई रस्सी का बल निकाल देगी।“ श्री नकवी ने कहा कि "जिस तरह जल बिन मछली तड़पती है, उसी तरह शहजादा और शहजादी बिन सत्ता तड़प रहे हैं। उन्हें लगता है कि सत्ता उनके परिवार का जन्मसिद्ध अधिकार है।" लेकिन देश की जनता "सुरूर और गुरुर" की इस "सामंती सियासत" को चकनाचूर कर देगी।कहा कांग्रेस के शासनकाल में देश का कोई शहर ऐसा नही बचा था जहां आतंकी हमले नहीं हुए। 2014 के बाद देश में तीन हमले हुए। मोदी ने तीनों हमलों उरी, पठानकोट व पुलवामा का बदला लिया। कहा हमारी सेना आतंकियों पर हमला कर बदला ले रही थी लेकिन गठबंधन के नेता उससे परेशान थे। पाकिस्तान सबूत मांगता तो कांग्रेस, सपा व बसपा के नेता सवाल पूछते हैं। उन्होंने कहा कि इस बार चुनाव में सबूत व सवालों की इस जुगलबंदी को तोड़ना है। आरोप लगाते कहा कि बीते 60 साल में कांग्रेस ने लोगों का राजनीतिक शोषण किया है। कांग्रेस ने देश में विदेशी दलालों के दफ्तर खुलवा दिए थे। हर एक सरकारी काम बिचौलियों के माध्यम से होता था। मोदी के हाथ में देश की कमान आई तो दलाल देश छोड़ कर भाग गए। प्रधानमंत्री ने दलालों को विदेश से गिरेबां पकड़ कर जेल में डालने का काम किया है। पहले खाद, डीजल व खाद्यान्न की कालाबाजारी होती थी। भाजपा ने उसे खत्म किया तो गठबंधन बिलबिला रहा है। उन्होंने कश्मीर के अलगाववादी संगठनों पर निशाना साधते हुए कहा कि हर साल पाकिस्तान डे पर दिल्ली स्थित एंबेसी पर अलगाववादी नेता आकर बिरयानी खाते थे। इस बार मोदी के डर के चलते नहीं आए। मोदी ने उनकी औकात बता दी। गठबंधन के बाद अभी प्रधानमंत्री पद का ही दावेदार नही है। वह छह-छह माह का प्रधानमंत्री बनाकर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का मंसूबा पाले है। उन्होंने लोगों से कहा कि वह देश के मान-सम्मान व स्वाभिमान के लिए फिर से नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाने का काम करें।