लोकसभा चुनाव 2019: न्यूनतम आमदनी के वादे पर बोले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल अगर जीते तो गरीबों के खाते में सालाना आएंगे 72 हजार रुपये !
नई दिल्ली (न्यूज़ ग्राउंड)
: कांग्रेस अध्यक्ष राहुल
गांधी ने लोकसभा चुनाव से पहले बड़ा वादा किया है. सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस
में राहुल गांधी ने ऐलान किया कि अगर 2019 के चुनाव के बाद उनकी पार्टी सत्ता में आती है, तो 20% सबसे गरीब परिवारों को हर साल 72 हजार रुपये मिलेंगे. इस स्कीम से 25 करोड़ लोगों को सीधे फायदा होगा. राहुल ने कहा कि ये पैसे
न्यूनतम आमदनी गारंटी के तहत दिए जाएंगे. यह पैसा कांग्रेस की सरकार घर की गृहिणी
के खाते में जमा कराएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसके लिए कोई भी सब्सिडी बंद
नहीं होगी न कोई योजना रोकी जाएगी ये उन योजनाओं से अलग लागू की जाएगी। बीजेपी और
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए राहुल ने कहा कि 5 सालों में जनता को काफी मुश्किलें हुईं, ऐसे में कांग्रेस ने निर्णय लिया है कि हम गरीबों से न्याय
करेंगे। कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि इस तरह की न्यूनतम आय योजना दुनिया में
कहीं नहीं है। उन्होंने साफ करते हुए कहा कि न्यूनतम आय सीमा 12,000 रुपये होगी और इतना पैसा देश में मौजूद है। बीजेपी और
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए राहुल ने कहा कि 5 सालों में जनता को काफी मुश्किलें हुईं, ऐसे में कांग्रेस ने निर्णय लिया है कि हम गरीबों से न्याय
करेंगे। कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि इस तरह की न्यूनतम आय योजना दुनिया में
कहीं नहीं है। उन्होंने साफ करते हुए कहा कि न्यूनतम आय सीमा 12,000 रुपये होगी और इतना पैसा देश में मौजूद है।
योजना के बारे में स्पष्ट
की ये बातें
•देश की 20 फीसदी गरीब परिवारों को मिलेगा लाभ
•कांग्रेस सरकार घर की गृहणी के खाते में देगी राशि
•शहर और गांव सबको मिलेगा बिना भेदभाव फायदा
•गरीबो को लेकर दुनिया की सबसे बड़ी योजना है 'न्याय'
प्रधानमंत्री और भाजपा पर
बोला हमला
रणदीप सुरजेवाला ने
कांग्रेस सरकार में संभावित 'न्याय' योजना की आलोचना किए जाने को लेकर भाजपा और नरेंद्र मोदी
सरकार को घेरा। कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी माना था कि कांग्रेस ने 70 साल के कार्यकाल में गरीबी को 70 फीसदी से कम करके 22 फीसदी कर दिया था।
उन्होंने सवाल उठाया कि
-न्याय का दावा करने वाले
प्रधानमंत्री स्पष्ट करें कि वह न्याय के साथ हैं या नहीं?
-नरेंद्र मोदी 10 लाख का सूट पहन सकते हैं पर 72000 रुपए क्यों नहीं दे सकते?
-देश की जनता का 5 हजार करोड़ विज्ञापन पर खर्च कर सकते हैं पर 'न्याय' पर विरोध क्यों?
-बड़े उद्योगपतियों का
हजारों करोड़ का कर्जा माफ कर सकते हैं, किसानों का नहीं?