नई दिल्ली दुश्मन के मिसाइल और बमबारी से एयर बेस को बचाने के लिए सरकार ने नई रणनीति तैयार की है। सरकार ने वायु सेना को चीन और पाकिस्तान सीमा से सटे लगभग 110 ठिकाने बनाने की मंजूरी दे दी है। सरकारी सूत्रों ने बताया कि केंद्र सरकार ने लगभग
110 ठिकानों के निर्माण के लिए एक परियोजना को स्वीकृति दे दी है, जो फाइटर ह्रश्वलेन को दुश्मन की मिसाइल और बॉमिंग से बचाएगी, जिसे ब्लास्ट पेन भी कहते हैं।
सूत्रों के अनुसार प्रोजेक्ट का खर्च 5000 करोड़ से ज्यादा होगा और ब्लास्ट पेन एयर बेस की तर्ज पर बनाए जाएंगे। इस कदम से वायुसेना अपने फ्रंटलाइन ह्रश्वलेन को बिना जमीनी नुकसान की चिंता के फॉरवर्ड बेस पर तैनात कर सकेगी। अभी तक इस सुविधा के बिना वायुसेना ऑपरेशन के दौरान फ्रंटलाइन ह्रश्वलेन्स को पाकिस्तान सीमा के पास कुछ चुनिंदा स्थानों पर तैनात कर पाती थी। 26 फरवरी के एयर स्ट्राइक के बाद 27 फरवरी को पाकिस्तान ने भारतीय ठिकानों को निशाना बनाया था। 1965 के युद्ध के दौरान भी भारतीय वायुसेना अपने कई विमान खोए थे, तब से एयरक्राफ्ट की सुरक्षा के लिए वायुसेना ब्लास्ट ह्रश्वलेन बना रही है। इन 100 ठिकानों में मोटी कंक्रीट की दीवारें बनाई जाएंगी जिससे यह दुश्मन के बड़े हमले से बचाएगी। इस रणनीति से भारत को पाकिस्तान और चीन से निपटने में आसनी होगी। वर्तमान हालात के मद्देनजर यह महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।