भारत और बांग्लादेश के लोगों के संबंध आत्मीयता और पारिवारिक भावनाओं से परिपूर्ण संबंध हैं : प्रधानमंत्री मोदी
नई दिल्ली
(न्यूज़ ग्राउंड) आकाश मिश्रा : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके बांग्लादेशी समकक्ष शेख हसीना सोमवार को
चार विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इसमें बांग्लादेश की सड़क परिवहन निगम (BRTC) को 1,100 बसों और ट्रकों की आपूर्ति शामिल है। जानकारी
के अनसार दोनों प्रधानमंत्री सोमवार को दोपहर 1:10 बजे नई दिल्लीऔर बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना राजधानी ढाका सेसे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से
योजनाओं का उद्घाटन करेंगे।BRTC के अध्यक्ष फरीद अहमद भुइयां ने बताया, 'वे BRTC
को 600 बसों और 500 ट्रकों की आपूर्ति का उद्घाटन करेंगे, जिन्हें भारत से क्रेडिट लाइन के साथ खरीदा गया था।' उन्होंने इसे लेकर जानकारी देते हुए कहा 'इसमें 300 डबल डेकर,
100 गैर-एसी बसें, 100 सिटी एसी बसें और 100 इंटरसिटी एसी बसें शामिल हैं। इसके अलावा 16.2 टन की 350 ट्रक और 10.2
टन की 150 ट्रक भी शामिल हैं।' BRTC के अध्यक्ष ने यह भी बताया कि 47 बीआरटीसी बसें और 25 ट्रक बांग्लादेश में पहले ही आ चुके हैं। शेष
अन्य बस और ट्रक इस साल अप्रैल और जून तक ढाका पहुंच जाएंगे।जानकारी
के अनुसार दोनों प्रधानमंत्री भारत सरकार से बांग्लादेश को मिल रही आर्थिक मदद के
तहत जमालपुर, शेरपुर, हबीगंज, सुनामगन, जे और ब्राह्मणबारिया में 36 सामुदायिक चिकित्सालयों का
उद्घाटन करेंगे।इसके अलावा वे इस आर्थिक मदद के
तहत दो अन्य योजनाओं का भी उद्घाटन करेंगे। फीरोजपुर जिले के भंडारिया नगरपालिका
में 11 वाटर ट्रिटमेंट प्लांटस, और SAARC देशों के NKN विस्तार के तहत बांग्लादेश में
राष्ट्रीय ज्ञान नेटवर्क (NKN)विस्तार इसमें शामिल है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बांग्लादेश कि जनता को संबोधित करते हुए कहा !
नमस्कार!
आशा कोरी के बांगलादेशे शोबे भालो आछे!
सबसे पहले तो मैं आम चुनाव के सफ़ल संचालन के लिए बांग्लादेश
की जनता का अभिनंदन करता हूँ। साथ ही, बहुत बड़े जनादेश के साथ प्रधानमंत्री शेख हसीना जी की
ऐतिहासिक विजय के लिए उन्हें हार्दिक बधाई भी देता हूँ।प्रधानमंत्री शेख हसीना जी के साथ यह मेरी छठी video
conference है।इतनी सरलता से,
और इतनी बार, किन्हीं दो देशों के
नेतृत्व के बीच में संपर्क होना, अपने आप में दर्शाता है कि दोनों देशों के बीच संबंध कितने
गहरे और मजबूत हैं।और यह video conference एक बहुत विशेष समय पर हो रही है। इसी महीने, 17 मार्च से बांग्लादेश में
बंगबंधु के जन्मशताब्दी समारोह का शुभारम्भ होने जा रहा है।और फ़िर, 26 मार्च को बांग्लादेश की
आज़ादी की 48वीं वर्षगाँठ भी मनाई
जाएगी।और इन दोनों तारीखों के बीच, दोनों देशों में करोड़ों लोग होली का पवित्र त्यौहार भी
मनाएंगे।भारत और बांग्लादेश के बीच connectivity मजबूत करने की बात जब भी
होती है, तो उसका सबसे बड़ा प्रेरणा
स्रोत मैं प्रधानमंत्री शेख हसीना जी के vision को मानता हूँ।और इसलिए,
मुझे बहुत प्रसन्नता है
कि आज हमने न सिर्फ़ transport, बल्कि साथ ही knowledge में भी connectivity
बढ़ाने के क़दम उठाए
हैं।बांग्लादेश से जुड़ कर, भारत का National Knowledge Network अब बांग्लादेश के scholars
और research संस्थानों को भारत और
पूरे विश्व से जोड़ने वाली एक मजबूत कड़ी बनेगा।बसों और trucks की आपूर्ति बांग्लादेश
सरकार द्वारा affordable public transport प्रदान करने के प्रयासों में सहायक भूमिका अदा करेगी।Water
Treatment Plants हज़ारों घरों में शुद्ध
पेयजल पहुँचाएँगे।और Community Clinics से लगभग 2 लाख लोग लाभान्वित होंगे, जिन्हें अपने घरों के पास
स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध होंगी।यह सभी projects सीधे रूप से जनता के जीवन
से जुड़े हुए हैं। यह projects दर्शाते हैं कि भारत-बांग्लादेश संबंध दोनों देशों की जनता
की quality of life सुधारने के लिए महत्वपूर्ण और सकारात्मक भूमिका अदा कर रहे
हैं।भारत और बांग्लादेश के लोगों के संबंध आत्मीयता और
पारिवारिक भावनाओं से परिपूर्ण संबंध हैं।बांग्लादेश का विकास भारत के लिए ख़ुशी का
विषय तो है ही, हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत भी है। प्रधानमंत्री शेख हसीना
जी ने बांग्लादेश के विकास के लिए महत्वकांक्षी लक्ष्य तय किये हैं। 2021 तक बांग्लादेश को middle
income country बनाने, और 2041 तक developed
country बनाने के उनके vision
को साकार करने में सहयोग
करना हमारे लिए गर्व का विषय है।आपके साथ मिल कर पिछले
पाँच वर्षों में भारत-बांग्लादेश संबंधों के शोनाली अध्याय के लिए काम करने को मैं
अपना बहुत बड़ा सौभाग्य मानता हूँ।और मुझे पूरा विश्वास है कि पिछले पांच वर्ष
हमारे लिए जितने गौरवशाली रहे हैं, आगामी पाँच वर्षों में हमारे द्विपक्षीय संबंध उससे भी अधिक
ऊंचाई हासिल करेंगे। यह मेरा विश्वास भी है, और प्रतिबद्धता भी।और
मेरा यह विश्वास आज और भी अधिक मजबूत हुआ है, क्योंकि आज मुझे
बांग्लादेश से यहाँ आए कई युवा सांसदों और नेताओं से मिलने का अवसर मिला। उनकी
प्रतिभा और कर्मठता में मैं भारत-बांग्लादेश संबंधों का उज्जवल भविष्य देखता हूँ।