जम्मू कश्मीर : पुलवामा हमले के 48 घंटे भी नहीं हुए और पाकिस्तान का दूसरा हमला , राजौरी सेक्टर में LOC के पास ब्लास्ट में सेना के अधिकारी शहीद, एक जवान घायल !
नई दिल्ली (न्यूज़ ग्राउंड) आकाश मिश्रा : पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों पर हुए हमले से अभी देश उबरा भी नहीं की शनिवार को सीमा के पास सेना के एक और अधिकारी के शहीद होने की खबर आयी है। रक्षा विभाग के प्रवक्त लेफ्टिनेंट कर्नल देवेन्द्र आनंद ने बताया कि जम्मू कश्मीर के राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा के पास एक आईईडी विस्फोट में सेना का एक अधिकारी शहीद हो गया जबकि एक सैनिक घायल हुआ है। यह विस्फोट राजौरी के नौशेरा सेक्टर के लाम इलाके में हुआ।खबरों के मुताबिक, आतंकियों की तरफ से प्लांट किए गए आईईडी विस्फोटक को डिफ्यूज करते वक्त यह घटना हुई। इसमें मेजर रैंक के एक सेना के अधिकारी शहीद हो गए। अधिकारी इंजीनयर कॉर्प्स के थे। जम्मू कश्मीर के राजौरी जिले के नौशेरा सेक्टर में नियंत्रण रेखा के डेढ़ किलोमीटर अंदर आईईडी विस्फोटक को प्लांट किया गया था। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता लेफ्टीनेंट देवेंद्र आनंद ने कहा, 'राजौरी के नौशेरा सेक्टर में आईईडी विस्फोट में मेजर चित्रेश बिष्ट शहीद हो गये.मेजर रैंक के आर्मी ऑफिसर एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) को डिफ्यूज कर रहे थे. इस आईईडी को आतंकियों ने लगाया था. शहीद मेजर इंजीनियरिंग विभाग के थे.चित्रेश देहरादून के रहने वाले थे और आगामी 7 मार्च को उनकी शादी होने वाली थी अधिकारी ने कहा कि विस्फोट नियंत्रण रेखा से 1.5 किलोमीटर दूर लाम झांगर क्षेत्र में हुआ.उसी सेक्टर के बाबा खोदी क्षेत्र में संघर्ष विराम उल्लंघन में एक जवान घायल हो गया. जिसके बाद भारतीय सेना ने भी इसका माकूल जवाब दिया और क्षेत्र में दोनों तरफ से गोलीबारी जारी है. उधर, पुलवामा हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ के 44 जवानों का शनिवार को उनके गृहनगर में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र में एक शिलान्यास कार्यक्रम में कहा कि भारत की नीति है कि हम किसी को छेड़ते नहीं, लेकिन नए भारत को किसी ने छेड़ा तो वो छोड़ता भी नहीं है। ये हमारे सुरक्षाबलों ने पहले भी कर दिखाया है और अब भी कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। केंद्र सरकार ने हमले की कार्रवाई पर एकराय बनाने के लिए दिल्ली में सर्वदलीय बैठक बुलाई। इसमें सभी नेताओं ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी और आतंकवाद पर सख्त कार्रवाई करने का प्रस्ताव पास हुआ। इसमें कहा गया, "आतंकवाद को सीमा पार से समर्थन मिलता है लेकिन भारतीय सुरक्षा बल इससे निपटने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों की लड़ाई में देश अपने सैनिकों के साथ है। भारत की एकता-अखंडता की हर कीमत पर सुरक्षा की जाएगी।" पुलवामा हमले के बाद कार्रवाई पर एकराय कायम करने के लिए दिल्ली में सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई। कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा, "देश की एकता और सुरक्षा के मामले पर हम सरकार के साथ हैं। कश्मीर या देश के किसी भी हिस्से में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में हमारा सरकार को पूरा समर्थन है।" जम्मू-कश्मीर अलगाववादियों और आईएसआई के संबंधों की जांच करेगी। इसके बाद उन्हें दी गई सुरक्षा वापस ली जा सकती है। शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि पठानकोट और उड़ी हमले के बाद भी सरकार ने रेजोल्यूशन पास किया था। हम सरकार से सख्त कार्रवाई की बात कह चुके हैं। जम्मू-कश्मीर में हमले की जांच के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की टीम पुलवामा पहुंच चुकी है। हमले के विरोध में देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं। महाराष्ट्र के नालासोपारा स्टेशन पर में प्रदर्शनकारियों ने ट्रेन रोक ली। जम्मू के कई इलाकों में शुक्रवार को कर्फ्यू लगाया गया था। यह शनिवार को भी जारी रहा। पुलवामा हमले में शहीद सीआरपीएफ के एएसआई मोहनलाल को देहरादून में उनकी बेटी ने आखिरी सलामी दी। ममता बनर्जी ने कहा कि यह देखकर दुखी हूं कि प्रधानमंत्री ने ऐसी गंभीर घटना के बाद भी एक प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया। ऐसी स्थिति में हमें सरकारी कार्यक्रमों को टालना चाहिए। आखिर केंद्र की ओर से तीन दिन का शोक क्यों नहीं घोषित किया गया? हमें यह जानने का अधिकार है कि वास्तव में क्या हुआ। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार क्या कर रहे थे? हमले के पहले किसी तरह की कोई जानकारी क्यों नहीं मिली? इतने जवान क्यों मारे गए? यह सवाल लोगों के हैं, केवल मेरे नहीं। शरद पवार ने कहा कि मोदी सत्ता में आने से पहले चुनावी रैलियों में कहते थे कि मनमोहन सरकार में वह योग्यता ही नहीं जो पाक को सबक सिखा सके। यह काम तो 56 इंच के सीने वाला शासक ही कर सकता है। मगर अब तो सभी ने देखा कि क्या हो गया। मोदी ने पाकिस्तान को हमले का जिम्मेदार ठहराते हुए शुक्रवार को कहा कि हमें अस्थिर करने के उनके मंसूबे कामयाब नहीं होंगे। हिन्दुस्तान इस हमले का मुंहतोड़ जवाब देगा। उन्होंने कहा, ''आतंकी हमले की वजह से लोगों में जितना आक्रोश है उसे मैं भलि-भांति समझ रहा हूं। इस समय जो देश की अपेक्षाएं हैं, कुछ कर गुजरने की भावनाएं हैं, वो भी स्वाभाविक है। हमारे सुरक्षा बलों को पूर्ण स्वतंत्रता दे दी गई है। मुझे पूरा भरोसा है कि देशभक्ति के रंग में रंगे लोग सही जानकारियां एजेंसियों को पहुंचाएंगे, ताकि हमारी लड़ाई और मजबूत हो सके।'' मोदी ने कहा, ''मैं पाक आतंकियों और उनके समर्थकों को कहना चाहता हूं कि वे बहुत बड़ी गलती कर चुके हैं। बहुत बड़ी कीमत उन्हें चुकानी पड़ेगी। मैं देश को भरोसा देता हूं कि हमले के पीछे जो ताकत हैं, जो भी गुनहगार है, उन्हें उनके किए की सजा मिलेगी।" शहीद हुए 44 जवानों में 12 उप्र के, 5 राजस्थान के, 4 पंजाब के हैं। इसके अलावा प.बंगाल, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, ओडिशा, तमिलनाडु, बिहार के 2-2 जवान शहीद हुए। असम, केरल, कर्नाटक, झारखंड, मध्यप्रदेश, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर के एक-एक जवान ने भी अपनी जान गंवा दी। आतंकी ने गुरुवार को करीब 3.30 बजे अवंतिपोरा में सीआरपीएफ काफिले की 5वीं बस में अपनी गाड़ी टकरा दी। इसमें बस में बैठे 39 जवान शहीद हो गए। इसके अलावा रोड ओपनिंग पार्टी का एक जवान भी शहीद हो गया। घाटी में खराब मौसम के चलते सुरक्षाबलों के काफिले की आवाजाही रुकी थी। 4 फरवरी को ही 91 वाहनों का काफिला जिसमें 2871 जवान शामिल थे, जम्मू से कश्मीर पहुंचा था। सीआरपीएफ के काफिले में 78 वाहन थे। इनमें 16 बुलेट प्रूफ बंकर भी शामिल थे। आतंकी हाईवे पर काकापोरा-लेलहर की तरफ से आया और काफिले के समांतर ही चल रहा था। अफसरों के मुताबिक, "सुरक्षा एजेंसियों को पता चला है कि काफिले पर हमले में लगभग 80 किलो हाई-ग्रेड आरडीएक्स का इस्तेमाल हुआ था। बस के बचे हुए हिस्सों को देखकर पता चलता है कि इस हमले में आईईडी का इस्तेमाल नहीं हुआ।'' शुरुआती जानकारी में माना जा रहा था कि आईईडी से इस हमले को अंजाम दिया गया।