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न्यूज़ ग्राउंड विशेष
By   V.K Sharma 15/02/2019 :13:53
भारत ने पाकिस्तान से छीना मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा,पीएम मोदी के आवास पर हुई 50 मिनट की मीटिंग में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ देश के चार बड़े नेता हुए शामिल , हमले के बाद सरकार के 5 बड़े फैसले !
 




नई दिल्ली (न्यूज़ ग्राउंड ) आकाश मिश्रा : जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले पर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में हुई सुरक्षा मामलों की केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में फैसला लिया गया है कि पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा वापस ले लिया है. गुरुवार को हुए पुलवामा हमले में कुल 40 जवान शहीद हुए थे, आतंकी हमले के बाद से ही देशभर में गुस्सा है. CCS की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण, वित्त मंत्री अरुण जेटली, गृह मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और, विदेश मंत्रियों समेत राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल शामिल हुए थे।  इस बैठक में बड़े फैसले लिए गए हैं भारत ने इस हमले के तकरीबन 20 घंटे बाद पाकिस्तान के खिलाफ अहम फैसला लिया है। भारत ने पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन (MFN) का दर्जा छीन लिया है। भारत ने पाकिस्तान को 1996 में मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा दिया था। साथ भारत ने इंटरनेशनल कम्युनिटी में पाकिस्तान को अलग-थलग करने का फैसला भी लिया। मोस्ट फेवर्ड नेशन (MFN) का दर्जा मिलना किसी देश को व्यापार में मिलने वाली सुविधाएं होती हैं। इसके अलावा MFN दर्जा पाने वाले देश के साथ उतने संबंध रखे जाते हैं, जितने और किसी देश के साथ नहीं रखे जाते।  विश्व व्यापार संगठन (WTO) के सदस्य के तौर पर हर देश को एक-दूसरे को MFN का दर्जा देना होता है।  इसके तहत पाकिस्तान को अधिक आयात कोटा और कम ट्रेड टैरिफ मिलता है। साथ ही ऐसा दर्जा पाने वाले देश को भरोसा दिलाया जाता है कि उसे व्यापार में कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा। आसान भाषा में समझें तो पाकिस्तान को इस बात का भरोसा था कि किसी भी हालात में आर्थिक मोर्चे पर भारत नुकसान नहीं पहुंचाएगा। MFN स्टेटस के तहत पाकिस्तानी व्यापारियों को वे सभी सुविधाएं और रियायतें मिल रहीं हैं, जो भारत दूसरे देशों को देता है। दर्जा छिन जाने के बाद इन रियायतों और सुविधाओं पर भी कैंची चल सकती है। इसके तहत आयात-निर्यात में आपस में विशेष छूट मिलती है। यह दर्जा प्राप्त देश से कारोबार सबसे कम आयात शुल्क पर होता है। भारत-पाकिस्तान के बीच सीमेंट, चीनी, ऑर्गेनिक केमिकल, रुई, सब्जियों और कुछ चुनिंदा फलों के अलावा मिनरल ऑयल, ड्राई फ्रूट्स, स्टील जैसी कमोडिटीज का कारोबार होता है। विशेषज्ञों की मानें तो एमएफएन दर्जा छिनने से पाक को बहुत ज्यादा नुकसान नहीं होगा। भारत और पाकिस्तान के बीच 2017-18 के दौरान 2.412 बिलियन डॉलर (करीब 17 हजार करोड़ रुपए) का कारोबार हुआ था। इसमें भारत से होने वाले निर्यात की हिस्सेदारी 1.924 बिलियन डॉलर है, जबकि पाकिस्तान से सिर्फ 0.488 बिलियन डॉलर का ही आयात होता है। 2016-17 में भारत की ओर से पाकिस्तान को 1.8218 बिलियन डॉलर, जबकि पाक की तरफ से सिर्फ 0.454 बिलियन डॉलर का ही निर्यात किया गया था। डब्ल्यूटीओ के अनुच्छेद 21 बी के तहत कोई भी देश किसी देश को दिया एमएफएन का दर्जा तब वापस ले सकता है, जब उन दोनों के बीच सुरक्षा संबंधी मुद्दे पर विवाद हो। हालांकि नियम के मुताबिक, किसी भी देश से एमएफएन का दर्जा वापस लेने के लिए सारी शर्तें पूरी करनी होती हैं। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया, जवानों की शहादत पर कैबिनेट कमेटी ने दो मिनट का मौन रखा। कुछ चीजें हैं जिनपर सीसीएस में चर्चा हुई। हम यहां आपको उसकी जानकारी नहीं दे सकते। हम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान को अलग-थलग करने करेंगे।
- इस आतंकी हमले में जिनका हाथ है, जल्द ही सबूतों के बल पर उनका किरदार को दुनिया के सामने लाएंगे। 
- राजनाथ सिंह आज श्रीनगर जा रहे हैं। उनके लौटने के बाद हम ऑल पार्टी मीटिंग बुलाएंगे ताकि मामले पर चर्चा की जा सके। 
- 1986 में भारत ने यूएन में एक प्रस्ताव भेजा था, जो पारित नहीं हुआ,क्योंकि उसमें आतंकवाद की परिभाषा साफ नहीं है। हम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस प्रस्ताव पारित करने की कोशिश करेंगे।
- राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की 12 सदस्यीय टीम शुक्रवार को हमले वाली जगह पर फोरेंसिक साक्ष्य जुटाएगी। इसमें एक आईजी रैंक के अफसर को भी शामिल किया गया है।

कैसे हुआ हमला?
जैश के आतंकी आदिल अहमद उर्फ वकास कमांडो ने दोपहर 3:15 बजे यह फिदायीन हमला किया। उसने एक गाड़ी में विस्फोटक भर रखे थे। जैसे ही सीआरपीएफ का काफिला लेथपोरा से गुजरा, आतंकी ने रॉन्ग साइड से आकर अपनी गाड़ी जवानों से भरी बस से टकरा दी। जिस बस को हमले के लिए निशाना बनाया गया, वह 76वीं बटालियन की थी और इसमें 39 जवान सवार थे। बताया जा रहा है कि आदिल ने एक गाड़ी में 100 किलोग्राम विस्फोट भर रखा था। पुलवामा के काकापोरा का रहने वाला आदिल 2018 में जैश में शामिल हुआ था जम्मू से श्रीनगर जा रही सीआरपीएफ की 78 गाड़ियों के काफिले पर आतंकियों ने फिदायीन हमला कर दिया था। इस काफिले में 2547 जवान शामिल थे। जैश-ए-मोहम्मद ने हमले की जिम्मेदारी ली है। विस्फोटकों से भरी गाड़ी के जरिए अब तक का सबसे बड़ा हमला है। इससे पहले अक्टूबर 2001 में कश्मीर विधानसभा पर भी इसी तरह हमला हुआ था। इसमें 38 मौतें हुई थीं।

पुलवामा हमले के 20 घंटे के अंदर ही प्रधानमंत्री ने लिए ये 5 बड़े फैसले लिए : 

1. पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा वापस ले लिया गया है. यानी अभी तक पाकिस्तान को भारत के साथ ट्रेड करने में जो छूट मिलती है, वह बंद हो जाएगी.

2. विदेश मंत्रालय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान को अलग-थलग करने के लिए सभी देशों से बात करेगा. दुनिया के सामने पाकिस्तान के आतंकपरस्ती चेहरे का पर्दाफाश किया जाएगा.

3. 1986 में भारत ने संयुक्त राष्ट्र में आतंकवाद की परिभाषा बदलने के लिए जो प्रस्ताव भी दिया था. उसे पास करवाने के लिए पूरी कोशिश की जाएगी. इस प्रस्ताव को पास करवाने के लिए अन्य देशों पर दबाव बनाया जाएगा.

4. गृह मंत्री राजनाथ सिंह शनिवार को सर्वदलीय बैठक करेंगे. इस बैठक में राजनाथ सिंह पुलवामा हमले पर विपक्षी पार्टियों से विस्तार में चर्चा करेंगे.

5. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी आतंकवाद के खिलाफ खुली जंग छेड़ दी है. उन्होंने कहा कि आतंकवादी बहुत बड़ी गलती कर चुके हैं. उन्होंने सेना को खुली छूट दी है.



V.K Sharma
Editor in Chief
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