लोकसभा चुनाव 2019 : आज से 'मिशन यूपी' का प्रियंका गांधी ने लखनऊ से किया आरंभ ,प्रियंका-राहुल का रोड शो जारी; 4 घंटे में 14 किमी का सफर तय करेंगे,निशाने पर होंगी 42 सीटें !
लखनऊ (न्यूज़ ग्राउंड) आकाश मिश्रा : आम चुनाव 2019 के लिए अभी तारीखों का ऐलान नहीं हुआ है। लेकिन मतदाताओं के दिल और दिमाग तक जगह बनाने की तैयारी शुरू हो चुकी है। इस क्रम में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रोड शो के जरिए विपक्षी दलों को अपनी शक्ति का प्रदर्शन करेंगीं। उनके साथ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी मौजूद होंगे। दिल्ली में एयरपोर्ट जाने से पहले वो कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के घर पहुंची। रोड शो से पहले लखनऊ की सड़कें कांग्रेस के पोस्टरों से अटी पड़ी हैं। अलग अलग नारों के जरिए कांग्रेस एक तरफ अपनी ऐतिहासिक कामयाबियों की बखान कर रही है तो दूसरी तरफ मोदी सरकार पर निशाना साधा गया है। मसलन एक नारे आ गई बदलाव की आंधी,राहुल संग प्रियंका गांधी के जरिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह का संचार करने की कोशिश की गई है। तो दूसरी तरफ ना बाबा ना, बहुत हो गया और अब लौं नसानि अब ना नसिहों के जरिए मोदी सरकार पर निशाना भी साधा गया है। प्रियंका गांधी के रोड शो से पहले कांग्रेसी कार्यकर्ता अलग अलग पोस्टरों के जरिए मौजूदा योगी और मोदी सरकार पर निशाना साध रहे हैं। मसलन एक पोस्टर में प्रियंका गांधी को मां दुर्गा के रूप में दिखाया गया है। इसके साथ ही पोस्टर पर लिखा गया है। दहन करो झूठे मक्कारों की लंका, बहन प्रियंका बहन प्रियंका। 50 साल में पहली बार ऐसा होगा जब गांधी परिवार का कोई सदस्य पार्टी मुख्यालय में 4 दिन गुजारेगा। इससे पहले 70 के दशक में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और फिरोज गांधी अक्सर यहां आते थे और कई दिन बिताते थे। तब वे यहां की ला-प्लास कॉलोनी में रहते थे। कांग्रेस मुख्यालय तक 14 किलोमीटर का रोड शो निकाला जाएगा। माना जा रहा है कि रोड शो के तुरंत बाद प्रियंका अपने भाई राहुल के साथ एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगी। इसके बाद वे कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मिलेंगी और शाम करीब 5:15 बजे राजीव गांधी सभागार का लोकार्पण करेंगी। प्रियंका 11 फरवरी से 14 फरवरी तक लोकसभावार कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगी। बताया जा रहा है कि हर लोकसभा क्षेत्र के लिए 1-1 घंटे का वक्त तय किया गया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि प्रियंका हर दिन करीब 13 घंटे कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगी। 42 लोकसभा सीटों की समीक्षा की जाएगी। इस दौरान ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मौजूद रहेंगे। प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर, प्रमोद तिवारी व राज्यसभा सांसद राजीव शुक्ला 9 फरवरी को ही लखनऊ पहुंच गए हैं। माल एवेन्यू स्थित पार्टी कार्यालय का 4 महीने के भीतर कायाकल्प कर दिया गया है। लाइटिंग और बैठने की व्यवस्था नई कर दी गई है। मीडिया सेंटर की क्षमता 300 से बढ़ाकर एक हजार कर दी गई है। पार्टी कार्यकर्ताओं-नेताओं के साथ बैठक के लिए कॉन्फ्रेंस रूम तैयार किया गया है। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक प्रियंका 18 फरवरी के बाद पूर्वी उत्तर प्रदेश के दौरे पर निकलेंगी. इस कार्यक्रम के तहत वे हर दिन एक लोकसभा क्षेत्र में रुकेंगी, वहां कार्यकताओं से मिलेंगी और सभा भी करेंगी. कांग्रेस नेता आराधना मिश्रा ने 'न्यूज़ ग्राउंड ' से बातचीत में कहा कि जल्द ही प्रियंका गांधी 1 महीने के पूर्वी उत्तर प्रदेश के दौरे पर निकलेंगी, जहां सभाओं से लेकर रोड शो तक के कार्यक्रम होंगे और तमाम कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं से रूबरू होंगी. बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव के मद्देनजर उत्तर प्रदेश में दो प्रभारी महासचिव नियुक्त किए हैं. जिसमें पूर्वी उत्तर प्रदेश का प्रभार प्रियंका गांधी को और पश्चिम उत्तर प्रदेश का प्रभार सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया को दिया गया है. दोनों प्रभारी महासचिव प्रियंका और सिंधिया अपना कार्यभार ग्रहण करने के बाद पहली बार सोमवार को उत्तर प्रदेश दौरे पर पहुंच रहे हैं. इस अवसर पर दोनों नेताओं के लखनऊ आगमन पर रोड शो का कार्यक्रम रखा गया है, जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी शामिल होंगे. हालांकि राहुल उसी दिन दिल्ली वापस आ जाएंगे लेकिन प्रियंका गांधी और ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने-अपने क्षेत्र के नेताओं से मिलकर चुनावी तैयारियों का जायजा लेने के लिए लखनऊ में ठहरेंगे.गौरतलब है कि प्रशासनिक दृष्टिकोण से उत्तर प्रदेश में 18 मंडल हैं. इस लिहाज से कांग्रेस पार्टी ने प्रदेश के दोनों हिस्सों को 9-9 मंडलों में बांटा है. वहीं सीटों के लिहाज से देखा जाए तो कांग्रेस की इस गणित में पूर्वी उत्तर में लोकसभा की 42 सीटें और पश्चिम उत्तर में 38 सीटें शामिल हैं. इससे पहले प्रियंका गांधी कांग्रेस पार्टी में पर्दे के पीछे से रणनीतिक तैयारियों का हिस्सा रही हैं और अब तक उन्होंने खुद को अपनी मां सोनिया गांधी के लोकसभा क्षेत्र रायबरेली और भाई के लोकसभा क्षेत्र अमेठी तक ही सीमित रखा था. लेकिन अब देश की सियासत में कांग्रेस महासचिव के तौर पर प्रियंका गांधी की औपचारिक एंट्री काफी चुनौतीपूर्ण मानी जा रही है. ऐसा इसलिए है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र वाराणसी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गृहक्षेत्र गोरखपुर पूर्वी यूपी का हिस्सा है. इस लिहाज से पूर्वी यूपी बीजेपी का वो मजबूत गढ़ में जिसमें सेंध लगाने के लिए कांग्रेस को बड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी. कांग्रेस के एक नेता ने कुछ दिन पहले न्यूज़ ग्राउंड से बातचीत में कहा था कि दो प्रभारी महासचिवों की नियुक्ति के बाद कांग्रेस पार्टी सूबे में दो पूर्णकालिक अध्यक्ष भी बना सकती है. क्योंकि पार्टी के नियम और परंपरा के मुताबिक एक प्रभारी महासचिव के साथ एक अध्यक्ष काम करता है. इस लिहाज से पूर्वी और पश्चिम यूपी में दो पूर्णकालिक अध्यक्ष बनाए जा सकते हैं. कांग्रेस नेता ने बताया कि पूर्वी यूपी में प्रियंका गांधी के हाथ को मजबूत करने के लिए किसी ब्राह्मण को अध्यक्ष बनाया जा सकता है. प्रियंका गांधी की राजनीतिक एंट्री से सूबे में लगातार हार से निराश हो चुके कांग्रेस कैडर में उत्साह है. तो वहीं माना जा रहा है कि प्रियंका अपने अंदाज और तेवर से कांग्रेस कैडर में जान फूंकने का काम करेंगी. उन्होंने इसकी शुरुआत दिल्ली से ही कर दी थी जिसके तहत उन्होंने पुराने और हाशिए पर चल रहे कांग्रेसी नेताओं से खुद फोन पर बात की और उनसे आशिर्वाद लिया. जाहिर है प्रियंका की रणनीति कांग्रेस के पुराने दिनों को फिर से जीवित करने की है.