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राजनीति
By   V.K Sharma 11/12/2018 :14:12
विधानसभा चुनाव परिणाम 2018 LIVE: बीजेपी-कांग्रेस में कांटे की टक्कर,दोनों पार्टी में तनाव, मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस फिर मजबूत ,बहुमत से पहले अटक सकती है बीजेपी की सुई !
 










 

नई दिल्ली (न्यूज़ ग्राउंड) आकाश मिश्रा : सत्ता का सेमीफाइनल माने जा रहे पांच राज्योंद के विधानसभा चुनाव में अब तक के नतीजे कांग्रेस के पक्ष में जाते नजर आ रहे हैं। राजस्थान और छत्तीजसगढ़ में वो बहुमत की ओर बढ़ रही है। वहीं मध्यंप्रदेश में कांटे की टक्केर नजर आ रही है। अनुमान के मुताबिक, तेलंगाना में टीआरएस और मिजोरम में एमएनएफ को बढ़त मिली हुई है। 2019 के लोकसभा चुनावों से ठीक पहले मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम विधानसभा चुनाव के परिणाम देश की सियासत की दशा-दिशा तय करेंगे।  राजस्थान विधानसभा चुनाव के रुझानों में कांग्रेस फिर बहुमत से दूर हो गई है. कुछ देर पहले तक 100 से ज्यादा सीटों पर आगे चल रही कांग्रेस अभी 92 सीटों पर आगे चल रही है. वहीं अन्य उम्मीदवार निर्णायक भूमिका में हैं और 25 सीटें ऐसी हैं, जहां अन्य उम्मीदवार आगे चल रहे हैं. रुझानों में शुरुआत से पीछे चल रही बीजेपी 85 सीट पर आगे चल रही है. दिग्गज नेताओं में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे झालरापाटन, टोंक से सचिन पायलट, सरदारपुरा से अशोक गहलोत आगे चल रहे हैं. वहीं बीजेपी में मौजूदा गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया उदयपुर से पीछे चल रहे हैं. झालरापाटन से बीजेपी के दिग्गज नेता रहे जसवंत सिंह के बेटे मानवेंद्र सिंह पीछे चल रहे हैं. उनके सामने प्रदेश की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे हैं. बता दें कि मानवेंद्र सिंह हाल ही में कांग्रेस में शामिल हुए थे और कांग्रेस ने उन्हें शिव विधानसभा सीट के बजाय राजे के सामने उतारा था. इस बार राजस्थान में अन्य भी निर्णायक भूमिका में नजर आ रहे हैं. इन उम्मीदवारों में किशनगढ़ से सुरेश टाक (निर्दलीय), खंडेला से महादेव सिंह खंडेला, खींवसर से हनुमान बेनिवाल, गंगापुर से रामकेश, थानागाजी से कान्ति प्रसाद, दूदू से बाबूलाल नागर, नगर से वाजिब अली, फलौदी से कुम्भसिंह, बस्सी से लक्ष्मण मीणा, बहरोड़ से बलजीत यादव, भरतपुर से दलवीर सिंह, भादरा से बलवान पूनियां, भोपालगढ़ से पुखराज, मेड़ता से इन्दिरा देवी, श्रीडूंगरगढ़ से गिरधारीलाल, सिरोही से संयम लोढ़ा का नाम शामिल है. कांग्रेस की बढ़त को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का कहना है कि मुख्यमंत्री का मामला आपके सामने नहीं कहूंगा और यह राहुल गांधी की मेहनत है. साथ ही गहलोत आश्वस्त हैं कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनेगी. साथ ही गहलोत ने कहा,'अगर निर्दलीय हमारे साथ आएं तो स्वागत और बहुमत होने पर भी गैर बीजेपी दलों का स्वागत किया जाएगा. बीजेपी ने बिना मुद्दे के चुनाव लड़ा और राजस्थान में कांग्रेस को जनादेश मिला.' वहीं सचिन पायलट ने कहा कि राजस्थान में पूर्ण बहुमत से सरकार बनेगी और उन्होंने आशीर्वाद के लिए जनता का शुक्रिया अदा किया. साथ ही पायलट ने कहा, 'मुख्यमंत्री पद पर फैसला आलाकमान की ओर से किया जाएगा. हमनें राहुल के नेतृत्व में 5 साल काम किया है और राहुल जी के लिए तोहफे की तरह है.' इसके अलावा बीजेपी के एकमात्र मुस्लिम उम्मीदवार युनूस खान भी टोंक से पीछे चल रहे हैं. वहीं कांग्रेस के दिग्गज नेता रामेश्वर डूडी और सीपी जोशी (नाथद्वारा) से पीछे चल रहे हैं. झोटवाड़ा से लालचंद कटारिया (कांग्रेस), हवामहल से महेश जोशी (कांग्रेस), विद्याधर नगर से नरपत सिंह राजवी (बीजेपी), सिविल लाइंस से प्रताप सिंह खाचरियावास (कांग्रेस), किशनपोल से अमीन कागजी (कांग्रेस), आदर्श नगर से रफीक खान (कांग्रेस), मालवीय नगर से अर्चना शर्मा (कांग्रेस), सांगानेर से अशोक लाहोटी (बीजेपी) आगे चल रहे हैं. 200 विधानसभा वाले राजस्थान की 199 सीटों पर 7 दिसंबर को वोटिंग हुई थी. बता दें कि सबसे पहले पोस्टल बैलेट की वोटिंग की जाती है और उसके बाद ईवीएम से गिनती की जाती है. इस बार चुनाव अधिकारी हर दौर के रुझान की जानकारी लिखित में देंगे. इस बार चुनावी रण में कुल 4,74,79,402 मतदाताओं ने 2274 उम्मीदवारों की किस्मत को वोटिंग मशीन में कैद किया है. प्रदेश में 142 सीटें सामान्य, 34 सीटें अनुसूचित जाति और 25 सीटें अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित हैं. चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक करीब 72 फीसदी लोगों ने अपने मत का इस्तेमाल किया. प्रदेश की रामगढ़ सीट पर बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी लक्ष्मण सिंह के निधन हो जाने से यहां वोटिंग स्थगित हो गई और प्रदेश की 199 सीटों पर ही वोटिंग हुई. सूबे में कांग्रेस के 194, भारतीय जनता पार्टी के 199, बहुजन समाज पार्टी के 189, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का 01, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के 16 और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के 28 उम्मीदवार अपनी दावेदारी प्रस्तुत कर रहे हैं. वहीं 830 निर्दलीय चुनावी मैदान में है. राजस्थान के साथ मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने जा रहे हैं. एग्जिट पोल के अनुसार, इन सभी राज्यों में राजस्थान कांग्रेस के लिए सबसे महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां कांग्रेस की वापसी की संभावनाएं ज्यादा है. आज तक-एक्सिस के एग्जिट पोल के मुताबिक बीजेपी को 55-72 सीट, कांग्रेस को 119-141 सीट, और अन्य को 4-11 सीट का अनुमान है. 2013 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी और उसने 163 सीटों पर जीत दर्ज की थी. जबकि कांग्रेस 21 सीटों पर सिमट गई थी. बहुजन समाज पार्टी को 3, नेशनल पीपुल्स पार्टी को 4, नेशनल यूनियनिस्ट जमींदारा पार्टी को 2 सीटें मिली थीं. जबकि 7 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार जीते थे. दोपहर 1 बजे कुछ ऐसी दिख रहे है रुझानों और नतीजों के आंकड़े। मध्यप्रदेश में फिसलते-फिसलते, कांग्रेस ने पकड़ फिर कुछ मजबूत की है। वहीं छत्तीसगढ़ में कांग्रेस निर्णायक बढ़त हासिल कर चुकी है। राजस्थान में भी बहुमत का आंकड़ा फिलहाल गिरफ्त में है।समाचार एजेंसी एएनआई के हवाले से खबर आ रही है कि सचिन पायलट 8 निर्दलियों के संपर्क में है। इसका सीधा सा मतलब ये है कांग्रेस, पूर्ण बहुमत न मिलने जैसी स्थिति के लिए भी पूरी तरह तैयार रहना चाहती हैकांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट ने कहा है कि 11 दिसंबर को ही राहुल गांधी की बतौर अध्यक्ष ताजपोशी हुई थी। ये नतीजे उनके लिए तोहफा है। कांग्रेस तीनों राज्यों में सरकार बनाएगी। पंजाब सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू, तीन राज्यों में कांग्रेस के पक्ष में रुझानों से खासे खुश नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा, राहुल भाई पहले से ही सबको साथ लेके चलते हैं। इंसानियत की मूरत हैं। जो हाथ भारत की तकदीर को अपने हाथों में लेने वाले हैं, वो बड़े मजबूत हैं। भाजपा का नया नाम है- जीटीयू- "गिरे तो भी टांग ऊपर"रुझानों में टीआरएस को प्रचंड बहुमत मिल गया है। केसीआर की पार्टी को 90 से ज्यादा सीट मिलती दिख रही हैं। 119 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 60 है। कांग्रेस को महज 17 सीट मिलती दिख रही हैं। ऐसे में टीआरएस ने जश्न मनाना शुरू भी कर दिया है। मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में शुरुआती रुझानों के मुताबिक कांग्रेस को बढ़त दिखाई दे रही है।प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने नतीजों के बारे में पूछे जाने पर कहा कि अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगा। दोपहर 12 बजे के बाद ही कुछ कहा जा सकता है क्योंकि अभी सिर्फ डाक मतपत्रों की गिनती हुई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को सरकार बनाने का पूरा भरोसा है। उन्होंने राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भी जीत की उम्मीद जताई। टोंक में भाजपा सरकार में मंत्री और हैवीवेट माने जाने वाले यूनुस खान पिछड़ रहे हैं। जबकि पहली बार टोंक से खड़े सचिन पायलट आगे चल रहे हैं। कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत के लिए 100 सीटों की जरूरत है. हालांकि, पार्टी सरकार बनाने की उम्मीद जता रही है, लेकिन सत्ता की सुई फिलहाल निर्दलीयों पर टिकी नजर आ रही है. इन निर्दलीयों में कांग्रेस के बागी भी शामिल हैं. श्री गंगानगर सीट से कांग्रेस के बागी राजकुमार गौड़, विद्याधर नगर से विक्रम सिंह, सिरोही से संयम लोढ़ा, गंगापुर सिटी से रामकेश मीणा, बस्सी से लक्ष्मी नारायण मीणा, खंडेला से महादेव सिंह और दूदू से बाबूलाल नागर आगे चल रहे हैं. यानी कांग्रेस से बगावत करके चुनाव लड़ने वाले सात प्रत्याशी बढ़त बनाए हुए हैं और अब तक के नतीजों की स्थिति में कांग्रेस को पूर्ण बहुमत के लिए 5 विधायकों की जरूरत होगी. हालांकि, दूसरी तरफ बहुजन समाज पार्टी और सीपीएम भी कांग्रेस के लिए तारणहार बन सकती है. बीएसपी के खाते में 3 सीटें जाती दिख रही हैं, जबकि सीपीएम 2 सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं. साथ ही 5 अन्य निर्दलीय भी आगे चल रहे हैं. ऐसे में ताजा आंकड़ों पर बात की जाए तो कांग्रेस को सत्ता के शिखर तक पहुंचने के लिए बागी या दूसरे निर्दलीयों विधायकों की आवश्यकता पड़ सकती है.

 

 

 



V.K Sharma
Editor in Chief
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