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राजनीति
By   V.K Sharma 15/10/2018 :15:40
प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना का लाभ कैसे उठाये !
 



 

नई दिल्ली (न्यूज़ ग्राउंड ) आकाश मिश्रा : प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना आम आदमी को बेहद कम प्रीमियम में बीमा कराने की सुविधा देती है। इस योजना का लक्ष्य है कि देश का गरीब से गरीब व्यक्ति भी बीमा का लाभ उठा सके ताकि उसके जीवन में किसी भी दुर्घटना के समय आर्थिक परेशानी न आए। इस योजना की जानकारी भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवम भदोई से सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने न्यूज़ ग्राउंड की टीम को विस्तृत रूप से बताया की इस योजना के तहत आपको 2 लाख रुपये का दुर्घटना,मृत्यु और विकलांगता बीमा मिलता है। खास बात यह है कि सिर्फ 12 रुपए प्रति वर्ष का निवेश करके आप इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।  भारत की आबादी का एक बड़ा हिस्सा ग्रामीण इलाकों में रहता है और उनमें से ज्यादातर किसी भी सामाजिक सुरक्षा योजना के दायरे में नहीं आते। इस आबादी के एक बड़े तबके को तो अब तक बैंकिंग प्रणाली का भी लाभ नहीं मिला है। ज्यादातर को अब भी समय-समय पर शुरू की गई कई सरकारी योजनाओं की जानकारी नहीं मिली है। साधारण और गरीब लोगों की जिंदगी में शामिल इस गंभीर असंगति को ठीक करने के लिए भारत के प्रधानमंत्री ने 9 मई 2015 को कोलकाता में प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना शुरू की। इसके साथ ही दो अन्य बीमा और पेंशन योजनाएं भी शुरू की गई। इन योजनाओं को लेकर सरकार की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इनकी सफलता के लिए वरिष्ठ कैबिनेट मंत्रियों को राज्यों की राजधानियों और बड़े नगरों में भेजा गया। ताकि एक साथ कई जगहों से इन योजनाओं का शुभारंभ हो सके। साथ ही सफल क्रियान्वयन भी सुनिश्चित हो सके। भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवम भदोई से सांसद वीरेंद्र सिंह बताया की  पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में किसी ने भी समाज के गरीब तपके एवम देश के अन्न्दत्ता किसानो के हितो में कभी नही सोचा जिससे की आज हमारे देश में अस्थिर्ता आ गयी थी परन्तु प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के कार्यकाल में किसानो को एक नई उम्मीद एवम कृषि के प्रति एक नई उर्जा मिली उन्होंने अपने कार्यकाल में देश के बुनियादी ढाचे  एवम किसानो को आर्थिक रूप से  मजबूती प्रदान करने को महत्व दिया तभी शायद आज भारत देश अन्य देशो की बराबरी कर रहा है एवम विकाशील होता जा रहा है यही वजह रही की प्रधानमंत्री ने अपने कार्यकाल में देश के विकास के लिए ‘सबका साथ सबका विकास” स्लोगन दिया पूर्ववर्ती सरकारों में अंतर प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के दो प्रमुख पहलू है, इससे इसके पेश करने का नजरिया अलग हो जाता है। पहला, समावेशन का शुद्ध आकार और गहराई, इस योजना का फायदा अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना, जो इसे बहुत महत्वाकांक्षी और चुनौतीपूर्ण बनाता है। आज, यदि किसी परिवार का कमाऊ सदस्य दुर्घटना में स्थायी रूप से विकलांग हो जाता है या उसकी मृत्यु हो जाती है तो उसके परिवार को गरीबी और मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। सहयोग या संरक्षण के लिए कोई संस्था या समूह आगे नहीं आता। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में शामिल होकर और सिर्फ 12 रुपए प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष प्रीमियम चुकाकर वह बीमा कवर हासिल कर लेगा। दुर्घटना में मौत या स्थायी तौर पर विकलांगता पर 2,00,000 (दो लाख) रुपए या आंशिक लेकिन स्थायी विकलांगता होने पर 1,00,000 (एक लाख) रुपए का बीमा मिलेगा। यह योजना एक साल के लिए वैध रहेगी। इसका हर साल नवीनीकरण किया जा सकता है। बहुत-सी सरकारी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को घर के पास वित्तीय प्रणाली अधोसंरचना की कमी की वजह से लोगों से अच्छा प्रतिसाद नहीं मिला। इतना ही नहीं, खाते खोलने या दावे करने में जो कागजी कार्यवाही करनी पड़ती थी, वह बहुत ज्यादा थी। यहां तक कि प्रणाली में लीकेज (भ्रष्टाचार) की वजह से भी बड़ा तबका इन योजनाओं का फायदा उठाने से दूर ही रहा। इन समस्याओं को मोदी सरकार ने दूर करने की कोशिश की है। सामाजिक योजनाओं के निष्पादन और तंत्र की निगरानी के लिए टेक्नोलॉजी का भरपूर इस्तेमाल किया जा रहा है। सभी भुगतान हितग्राही के अकाउंट में सीधे होंगे, जिससे भ्रष्टाचार की गुंजाइश भी नहीं रहेगी।

 

प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत कौन पात्र है?

 

18 और 70 वर्ष आयु समूह के बीच का कोई भी व्यक्ति, जिसका बचत बैंक खाता और आधार कार्ड हो, वह इस योजना से जुड़ सकता है। एक आसान फॉर्म भरना होगा, नॉमिनी का नाम लिखना होगा और आधार कार्ड को बैंक खाते से लिंक करना होगा। व्यक्ति को हर साल एक जून से पहले इस योजना में बने रहने के लिए फॉर्म जमा करना होगा। इससे खाता आसानी से सक्रिय किया जा सकता है और पूरा प्रीमियम उसके खाते से खुद-ब-खुद काट लिया जाएगा। अन्य शब्दों में, व्यक्ति को सिर्फ बैंक खाता खोलना होगा और फिर सुनिश्चित करना होगा कि हर साल 1 जून से पहले कम से कम 12 रुपए खाते में उपलब्ध रहे। ताकि योजना का नवीनीकरण हो जाए।यदि किसी व्यक्ति को इस योजना का लाभ लंबी अवधि के लिए चाहिए तो उसके पास यह विकल्प भी होगा कि वह बैंक को निर्देश देकर योजना के खुद-ब-खुद नवीनीकरण की व्यवस्था सुनिश्चित करें।

 

प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना कौन क्रियान्वित करेगा?

 

सभी सरकार-प्रायोजित सामान्य बीमा कंपनियां यह योजना पेश करेंगी। जबकि अन्य बीमा कंपनियों के पास विकल्प होगा कि वह बैंकों के साथ अनुबंध कर इन योजनाओं के तहत प्रोग्राम डिलीवरी में शामिल हो जाए।

 

क्या मुझे स्कीम में शामिल होने से किसी तरह का टैक्स लाभ होगा?

 

हितग्राहियों के बैंक खाते से काटी जाने वाली पूरी प्रीमियम धारा 80 सी के तहत करमुक्त होगी। इतना ही नहीं, इस योजना के तहत मिलने वाली एक लाख रुपए तक की राशि धारा 10(10डी) के तहत कर मुक्त होगी। एक लाख रुपए से ज्यादा राशि होने पर 2 प्रतिशत की दर से टीडीएस काट लिया जाएगा। यदि फॉर्म 15एच या फॉर्म 15जी बीमा एजेंसी में जमा किया तो यह टैक्स नहीं कटेगा।

 

मौजूदा सरकार को एक ही बार में तीन बड़े सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम शुरू करने की जरूरत क्यों पड़ी?

 

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली मौजूदा सरकार ने यह महसूस किया गया कि उनके प्रदर्शन का बारीकी से विश्लेषण किया जाएगा। एक साल सत्ता में रहने के बाद भी चुनावी वादों और वास्तविकताओं में बहुत बड़ा अंतर है। सरकार इस बात को लेकर आलोचनाओं से घिर गई कि सरकार खर्च करने में गति नहीं बढ़ा पा रही है। खासकर बुनियादी ढांचे और विनिर्माण के क्षेत्र में, जहां इसकी बहुत ज्यादा जरूरत है। संसद में कई विधेयक लंबित हैं, जिनसे इन क्षेत्रों को काफी उम्मीदें हैं। इनमें गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) और प्रमुख जमीन अधिग्रहण विधेयक शामिल है। सरकार इस वजह से न केवल इन सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की घोषणाओं को लेकर उत्सुक थी, बल्कि विभिन्न तबकों में पर्याप्त प्रचार-प्रसार भी चाहती थी। खासकर उन लोगों के बीच जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है। यह सच है कि जन-धन योजना के तहत खोले गए बैंक खातों से केंद्र सरकार ने एक बेहतरीन सफलता हासिल की है, यह भी उतना ही सच है कि इनमें से ज्यादातर खातों में षून्य या बहुत कम पैसा जमा है। ऐसे में इन खातों को जिन उद्देश्यों के साथ खोला गया था, वह कहीं न कहीं परिपूर्ण होते नजर नहीं आते। पीएमएसबीवाय योजना को अलग-अलग तबकों में लागू करने में एक साल का वक्त लग जाएगा। अगले साल इसी वक्त पर हकीकत की जांच हो सकेगी कि क्या लक्ष्य रखा गया था और कितना हासिल हुआ है। इसका वास्तविक असर क्या हुआ है। इस बीच, आम लोग उत्साहित और उम्मीदवान है कि प्रधानमंत्री मोदी अपने वादों पर खरे उतरेंगे। भारत को तेज विकास की राह पर आगे ले जाएंगे। पीएमएसबीवाय योजना मौजूदा सरकार की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।इस योजना की कवरेज 50 वर्ष तक की है

 

प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना का टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर एवम अन्य जानकारी के लिए प्रश्न यहाँ पूछें

 

प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाय)पर और ज्यादा जानकारी के लिए लॉगऑन करेः www.jansuraksha.gov.in ;या  www.financialservices.gov.in कोई राष्ट्रीय टोल फ्री नंबर पर भी कॉल कर सकता हैः 1800-110-001 या 1800-180-1111 राज्यवार टोल  फ्री नंबर की सूची यहां से प्राप्त करेः आवेदन फॉर्म का  http://www.jansuraksha.gov.in/FORMS-PMSBY.aspx   डाउनलोड किया जा सकता है। फॉर्म अलग-अलग भाषाओं में भी उपलब्ध है- अंग्रेजी, हिंदी, गुजराती, बांग्ला, कन्नड़, ओडिया, मराठी, तेलुगू और तमिल। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाय) पर किसी भी प्रश्न का जबाब पाने के लिए, कृपया यहां लॉग इन करें: http://www.jansuraksha.gov.in  इस पोस्ट को लॉन्च किए जाने से पहले, 2 सितंबर 2015 तक 8,46,18,155 लोग पहले से ही इस योजना के लिए पंजीकृत हो चुके हैं। बैंकों द्वारा रिपोर्ट किए गए कुल नामांकन: 21 दिसंबर, 2015 तक 92,688,166 लोग पहले ही इस योजना के लिए पंजीकृत हो चुके हैं। बैंकों द्वारा रिपोर्ट किए गए कुल नामांकन: 16 अप्रेल, 2016 तक 94,139,019 लोग पहले ही इस योजना के लिए पंजीकृत हो चुके हैं।



V.K Sharma
Editor in Chief
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