एनसीआर में ऑटो चालको की समस्या नही हुई दूर , अगले 10 दिनों तक नोएडा के ऑटो नहीं कर सकेंगे दिल्ली में प्रवेश !
नई दिल्ली (न्यूज़ ग्राउंड ) आकाश मिश्रा :गाजियाबाद व नोएडा से दिल्ली जाने वाले चार
हजार ऑटो की राह में बाधा अब तक बरकरार है। उत्तर प्रदेश और दिल्ली परिवहन विभाग
ने काउंटर साइन की अड़चन दूर करने के लिए अब तक कदम नहीं उठाया है। ऐसे में नोएडा
की ऑटो चालक एसोसिएशन आंदोलन की रणनीति तैयार करने में जुट गई है। परमिट का नवीकरण
न होने पर शनिवार से नोएडा के ऑटो को दिल्ली में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। इसको लेकर
नोएडा ऑटो रिक्शा चालक एसोसिएशन (नारका) ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की
थी, जिसकी सुनवाई शुक्रवार को
दो जजों की बेंच ने की। बेंच ने दिल्ली व केंद्र सरकार को मामले की पूरी रिपोर्ट
अगले 10 दिनों में देने को कहा
है। 22 अक्टूबर को इस मामले पर
सुनवाई होगी, जिसके बाद ये तय होगा कि नोएडा के ऑटो दिल्ली में जा सकेंगे
या नहीं। हालांकि इस दिन भी दिल्ली में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। उधर संगठन ने
शुक्रवार को जिलाधिकारी, एसपी सिटी एसपी ट्रैफिक, व एआरटीओ को ज्ञापन सौंपा
जिसमें कहा गया कि यदि नोएडा में दिल्ली के ऑटो प्रवेश करते हैं तो यहां के चालक
उन्हें प्रवेश नहीं करने देंगे। ऐसे में यदि कोई हानि होती है तो इसका जिम्मेदार
प्रशासन होगा। नोएडा ऑटो रिक्शा चालक एसोसिएशन (एनसीआर) के अध्यक्ष लालबाबू ने
बताया कि ऑटो परमिट सबसे बड़ी समस्या है। हाई कोर्ट के आदेशानुसार 2015 में चार राज्यों उत्तर
प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान और हरियाणा की
बीच समझौता हुआ था। इसमें ऑटो रिक्शा चालकों को दिल्ली जाने के लिए 13 अक्टूबर 2018 तक का परमिट था, लेकिन दिल्ली सरकार ने 13 अगस्त 2018 तक का ही परमिट जारी
किया। लेकिन अब नवीकरण नहीं किया जा रहा है। हमारी मांग है कि दिल्ली सरकार अपनी
गलती को सुधारते हुए परमिट को कम से कम अगले 5 वर्ष तक के लिए नवीकरण
करे। शहर में करीब 4 हजार चालक हैं। ऐसे में इनके साथ इनके परिवार को भी दिक्कत
का सामना करना पड़ेगा। त्योहार के समय दिक्कत होने से काफी समस्या होगी। यदि ऑटो
रिक्शा पर दिल्ली में जाने से रोक लगी, तो दिल्ली के ऑटो-टैक्सी और संभव हुआ तो डीटीसी बसों पर भी
रोक लगाने के लिए चालक सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे। संगठन का कहना है कि उन्हें
दुख है कि वह इस दौरान शहर के निवासियों को अपनी सेवा नहीं दे सकेंगे।