राहुल गांधी के आरोपों पर पलटवार करते दिखे मुख्तार अब्बास नकवी , कहा गुरु घंटालों को घोटाला ही नजर आएगा...!
नई दिल्ली ,(न्यूज़ ग्राउंड) आकाश मिश्रा : कांग्रेस अध्यक्ष राहुल
गांधी मोदी सरकार पर हमलावर हैंनोटबंदी हो या फिर राफेल सौदा राहुल लगातार भाजपा पर एक के
बाद एक हमले कर रहे हैं। गुरुवार को राहुल ने नोटबंदी पर बोलते हुए इसे भाजपा की
साजिश कहा था, उन्होंने कहा था कि इससे गरीबों का पैसा अमीरों में बांटा
गया। वहीं राफेल सौदे को लेकर उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया था कि इसमें 15-16 उद्योगपतियों को फायदा
पहुंचाया गया। इसके बाद राहुल ने आज फिर एक ट्वीट किया। उन्होंने राफेल मामले को
लेकर आज फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा और कहा कि यह 'विश्वव्यापी भ्रष्टाचार'
है और 'आने वाले कुछ हफ्तों में
राफेल कुछ बड़े बम गिराने वाला है।' राहुल ने एक खबर साझा करते हुए ट्वीट किया, 'यह विश्वव्यापी
भ्रष्टाचार है। यह राफेल विमान वास्तव में दूर तक और तेज तक उड़ता है! यह आने वाले
कुछ हफ्तों में कुछ बड़े बंकर भेदी बम भी गिराने वाला है।' उन्होंने कहा, 'मोदी जी कृपया अनिल
अंबानी को बताएं कि फ्रांस में एक बड़ी समस्या है।' राहुल ने जिस खबर को शेयर
किया है उसमें कहा गया है कि जब राफेल को लेकर दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही
थी तब अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस एंटरनमेंट ने तत्कालीन फ्रांसीसी राष्ट्रपति
फ्रांस्वा अलोंद की पार्टनर को फिल्म निर्माण में सहयोग किया था। राहुल के हमले के
बाद अब भाजपा के केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने राहुल पर हमला बोलते हुए
कहा, 'देखिए, जिस व्यक्ति का पप्पू से
लेकर गप्पू तक का सफर, झूठ का झुनझुना लेकर शुरू हुआ हो, वह इसी तरह की बहकी-बहकी,
बेसुरी और बेहूदा बातें
करेगा। घोटाले के गुरु घंटालों को हर वक्ति घोटाला ही नजर आएगा, देश का विकास, प्रगति और सुशासन नहीं।'
गुरुवार को एक प्रेस
कॉन्फ्रें स के दोरान केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली के सवालों के जवाब में
संयुक्त संसदीय समिति से पूरे मामले की जांच कराने की मांग दोहराते हुए राहुल
गांधी ने कहा कि मोदी और अनिल अंबानी के बीच हुई डील के बारे में पूरा देश जानना
चाहता है। इसके साथ ही उन्होंने नोटबंदी को भी एक बड़ा घोटाला बताया और कहा कि कुछ
लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए ही नोटबंदी का फैसला लिया गया था। राफेल सौदे को
लेकर प्रधानमंत्री पर हमला बोलने के लिए राहुल गांधी ने फ्रांस और भारत की ओर जारी
संयुक्त वक्तव्य का सहारा लिया। उनके अनुसार इस वक्तव्य में साफ कहा गया है कि
मोदी के फ्रांस दौरे के समय 36 राफेल युद्धक विमान खरीद के लिए जो करार हुआ था, उनमें वैसे ही विमान देने
की बात कही गई थी, जो संप्रग सरकार के दौरान तय हुई थी। कांग्रेस अध्यक्ष ने
सवाल उठाया कि जब विमान वही है, तो उनकी कीमत 520 करोड़ रुपये से 1600 करोड़ रुपये कैसे हो गई।
राहुल ने कहा कि विपक्ष के तौर पर उनकी जिम्मेदारी है कि लोगों को सरकार की सच्चाई
बताएं। वह डरने वाले नहीं हैं। राहुल ने अपने भाषण में दोहराया कि अंनिल अंबानी को
ही राफेल का ठेका क्यों दिया गया। 500 करोड़ का विमान 1600 करोड़ में क्यों खरीदा
गया। जब इतना सब हुआ तो राफेल सौदे पर जेपीसी जांच क्यों नहीं होनी चाहिए। याद
दिला दें कि गुरुवार को ही भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने राहुल की इस मांग पर चुटकी
ली थी। उन्होंने जेपीसी को झूठी पार्टी कांग्रेस की संज्ञा दी थी।