नितिन गड्गरी के बयान पर राहिल गाँधी ने कसा तंज , कहा मोदी जी आपका सवाल बेहतरीन, हर भारतीय यही पूछ रहा, नौकरियां कहां हैं?
नई दिल्ली (न्यूज़ ग्राउंड ) आकाश मिश्रा : कांग्रेस अध्यक्ष राहुल
गांधी ने देश में नौकरियों की किल्लत को लेकर दिए गए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी
के बयान पर तंज कसा है. राहुल गांधी ने केंद्रीय मंत्री के बयान पर ट्वीट किया,
'बहुत बढ़िया गडकरी जी हर
भारतीय यही सवाल पूछ रहा है. नौकरियां कहां है दरअसल, केंद्रीय परिवहन मंत्री
नितिन गडकरी ने शनिवार को रोज़गार और आरक्षण को लेकर बड़ा बयान दिया. महाराष्ट्र
के औरंगाबाद में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, 'आरक्षण रोजगार देने की
गारंटी नहीं है, क्योंकि नौकरियां कम हो रही हैं. जब नौकरियां ही नहीं हैं,
तो आरक्षण लेकर क्या होगा?'
गडकरी ने मानी रोजगार की
किल्लत, कहा- आर्थिक आधार पर
आरक्षण देने की है जरूरत गडकरी ने सवाल किया था, 'मान लीजिए कि आरक्षण दे
दिया जाता है, लेकिन नौकरियां नहीं हैं. क्योंकि, बैंक में आईटी के कारण
नौकरियां कम हुई हैं. सरकारी भर्ती रुकी हुई है. ऐसे में रोज़गार कैसे देंगे गडकरी
ने कहा, 'जाति के आधार पर नहीं,
बल्कि गरीबी के आधार पर
आरक्षण देने की जरूरत है, क्योंकि गरीब की जाति, भाषा और क्षेत्र नहीं
होती है.' उन्होंने कहा कि अगर
आरक्षण किसी समुदाय को मिल भी जाता है, तो नौकरियां कहां हैं, बैंकों में आईटी की वजह
से नौकरियां नहीं हैं. केंद्रीय मंत्री ने कहा था, 'निराशा और असुविधा के
कारण आरक्षण की मांग हो रही है. इसलिए गांव के अंदर खेती में उपज बढ़ाना जरूरी है
और प्रति व्यक्ति आय बढ़ाना जरूरी है. ' नितिन गडकरी ने रविवार को औरंगाबाद में एक कार्यक्रम के
दौरान कहा था कि आने वाले वक्त में नौकरियां कम हो रही हैं। लगातार विकसित हो रही
तकनीक के कारण बैंक में जॉब कम हो गईं। सरकारी विभागों में भी नौकरियों पर रोक लगी
है। नौकरियां कहां हैं? जब विवाद बढ़ा तो उन्होंने सफाई में कहा मेरे बयान का गलत
मतलब निकाला गया। मेरे कहने का मतलब था कि
आरक्षण मिलने के बाद भी नौकरी मिलने की कोई गारंटी नहीं है। कांग्रेस के प्रवक्ता
अभिषेक मनु सिंघवी ने भी गडकरी पर निशाना साधा। उन्होंने ट्वीट करके गडकरी को
भाजपा का ईमानदार नेता कहा। उन्होंने ट्वीट किया- 'मुझे कुछ खबरें देखने को
मिलीं, जिसमें मेरे बयान को गलत
तरीके से पेश किया गया. मैं साफ करना चाहता हूं कि आरक्षण में बदलाव को लेकर सरकार
की कोई योजना नहीं है.