लड़की की शादी में कर्ज में आ गया पिता फिर भी ना कर पाया ससुराल वालो को संतुष्ट,शादी के 7 महीने बाद प्रेगनेंसी की हालत में किया लड़के वालो ने लड़की पर अत्याचार !
न्यूज़ ग्राउंड (नोएडा) आकाश मिश्रा :दिल्ली से सटे नोएडा में दहेज के लालच में पांच महीने की प्रेग्नेंट बहू के
साथ हुए टॉर्चर मामले में पीड़िता के पिता ने न्यूज़ ग्राउंड को कई चौंकाने वाली बाते बताई कई चौंकाने वाली बात कही है। शादी के 15 दिन बाद से ही लड़के वालों ने बेटी को टॉर्चर
करना शुरू कर दिया था।पिता के मुताबिक शादी से पहले लड़के
वालों ने कहा था कि उन्हें कुछ भी नहीं चाहिए, लेकिन 15 दिन बाद ही उनके तेवर बदल गए। उनसे 8-10 लाख नहीं, 35 लाख रुपए की डिमांड की गई थी, जिसे पिता ने सिर झुकाककर पूरा भी
किया। इसके बावजूद बेटी के साथ ससुरालियों ने जानवर से भी बत्तर सलूक किया गया । यहां
बरौला गांव निवासी पवन चौहान केबल नेटवर्क का बिजनेस चलाते हैं। उनकी दो बेटियां
और एक छोटा बेटा है।उन्होंने
बताया, "बेटी
श्वेता के लिए पिछले साल पड़ोसी गांव छलैरा से रिश्ता आया था। लड़का प्यॉर
ड्रिंकिंग वॉटर प्लांट चलाता था। साथ ही ई-रिक्शा चार्ज का भी कारोबार था। हमें
लड़का ठीक लगा। हमने जब लेनदेन की बात की तो ससुरालियों ने कहा कि हमें कुछ नहीं
चाहिए, आप अपनी मर्जी से जो चाहे कर दो।"मैंने
बेटी को गिफ्ट में फॉर्च्यूनर कार देने की बात की तो लड़के वालों ने कहा कि आप कार
की जगह उसकी कीमत बराबर कैश दे दो। हमने शादी से पहले ही इन्हें 15 लाख 51 हजार रुपए
कैश दे दिए थे। इसके अलावा शादी के टाइम पर इनके लगभग 30 रिश्तेदारों को गोल्ड रिंग, दूल्हे के लिए डायमंड रिंग, 50 हजार की घड़ी, ढाई किलो चांदी की ईंट और अन्य गिफ्ट्स
दिए थे।"शादी के
बाद लगभग दो हफ्ते तक सब ठीक रहा। इसी साल जनवरी से ससुराल वालों ने श्वेता को
दहेज के लिए परेशान करना शुरू कर दिया। पवन चौहान
ने बताया, "अचानक
बेटी की सास और ननद का बिहेवियर बदल गया। दामाद भी घरवालों का साथ देता था। सबसे
पहले इन्होंने हमारा दिया फ्रिज-वॉशिंग मशीन वापस कर दिए। बोले कि इनका साइज छोटा
है, हमें और बड़े दीजिए। मैंने इनकी ये
डिमांड भी पूरी कर दी। फिर बोले कि आपने जो कार का कहा था, उसका पेमेंट पूरा करो। 20 लाख कैश देने होंगे। मैंने जैसे-तैसे
वो भी दे दिए।"श्वेता के
पिता के मुताबिक ससुरालियों का टॉर्चर लगातार बढ़ता रहा। 35 लाख कैश लेने के बाद भी वे उनकी बेटी
को प्रेग्नेंसी की हालत में मारते-पीटते थे।"मेरी बेटी
से घर का सारा काम करवाया जाता था। सास-ननद गाली-गलौंच करती थीं। पति हर बात पर
हाथ उठाता था। हम कई बार इन्हें समझाने इनके घर भी गए, लेकिन कोई असर नहीं हुआ। मेरे बेटी
फिलहाल बोलने की स्थिति में नहीं है। वो ही बता सकती है कि किस बात के लिए उसे इन
लोगों ने बंदी बनाया था।"गुरुवार रात 12 बजे
सुसराल वालों ने फोन कर बताया था कि श्वेता शाम आठ बजे से लापता है। तो उसके परिजनों
की हालत ख़राब होगई श्वेता की काफी देर तलाश करने के बाद जब बेटी नहीं मिली तो
परिजनों ने पुलिस की मदद ली।फिर वो मंजर सामने आया, जिसकी लड़की के घरवालों ने कल्पना भी नहीं की
होगी। पवन चौहान ने थाना सेक्टर-39 में पति गौरव, सास बबली, ससुर चरण सिंह, देवर मोनी, नंद सिम्मी के खिलाफ श्वेता का अपहरण
कर हत्या करने का मुकदमा दर्ज कराया। इसके बाद पुलिस ने तलाश शुरू कर दी।'शादी के बाद वो डिमांड बढ़ाते गए, मैं बेटी के लिए सिर झुकाकर उनकी सारी मांगे
पूरी करता रहा। पता नहीं किस बात की कमी रह गई। जनवरी से श्वेता को और भी टॉर्चर
करना शुरू कर दिया।'पिता ने
बताया - 'प्रेग्नेंसी की हालत में भी उस पर लड़के वाले
ने रहम नहीं किया। घर का सारा काम उसी से करवाते थे। आज मेरी बच्ची बोलने की
स्थिति में नहीं है।' श्वेता फैक्ट्री में बने एक स्टोर रूम बंद थी। हाथ पीछे की ओर बंधे हुए थे
और वह जमीन पर पड़ी थी। मुंह पर टेप चिपका था। कमरे में अंधेरा था। पंखा तक नहीं
लगा था, जिस कारण उसका दम घुट रहा था। पुलिस ने
ससुराल वालों से पूछताछ की तो उन्होंने गोलमोल जवाब दिया। इस पर पुलिस का शक गहरा
गया। शनिवार रात सवा 10 बजे गौरव की फैक्टरी में छापेमारी की श्वेता
फैक्ट्री में बने एक स्टोर रूम बंद थी। उसके हाथ पीछे की तरफ बंधे हुए थे और वह
जमीन पर पड़ी थी। मुंह पर टेप लगा था। कमरे में अंधेरा था, पंखा तक नहीं था, जिस वजह से पीड़िता का दम घुट रहा था।
पीड़िता को कैलाश अस्पताल में एडमिट करवाया गया। पुलिस ने
नामजद सास, ससुर और ननद को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि पति और देवर फरार हैं। आखिर कब
तक इस समाज में बहिन-बेटियों की शादी दहेज़ के लालाच में होती रहेगी , हमारे देश की
जननी है औरत सब के घरो की ग्रहणी और लक्ष्मी के रूप में है औरत लडकियों पर दहेज़ के
लिए हो रहे शोषण एव अत्याचारों पर हमारा समाज अपनी दृष्टि को कब बदलेगा और सरकार
कब रोक लगाएगी एव सख्त कानून बनायेगी ऐसे लोगो के लिए जो शादी को नही शादी के नाम पर अपने बच्चे का व्यापार करते
है परन्तु वह ये भूल जाते है की एक लड़की का पिता हमेशा अपनी हसियत से जादा की खर्च
करता है अपनी लड़की की शादी में फिर भी कुछ लालची ऐसे है जो दहेज़ मागने की हद्द को
पार कर देते है और लड़की के घर वालो पर शादी से पहले या शादी के बाद उसपर दबाव बनाते
है ऐसी यह एक घटना नही है अनेको घटना है जो रोज घटती है हमारे देश ,समाज, और पड़ोस
में जिनको हम अनदेखा क्र देते है और जब खुद पर बित्ती है तब पता चलता है और पश्तावा
होता है .