स्टिंग की कोशिश और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में 'समाचार प्लस' न्यूज चैनल के सीईओ उमेश कुमार गिरफ्तार , क्या है सचाई कैमरे के पीछे कहीं कोई सफेद कुर्ता तो नहीं !
नई दिल्ली (न्यूज़ ग्राउंड ) आकाश मिश्रा : उत्तराखंड के प्रमुख
अधिकारियों और राजनीतिक व्यक्तियों का स्टिंग आपरेशन करने की कोशिश और जान से
मारने की धमकी देने के आरोपों में 'समाचार प्लस' टेलीविजन न्यूज चैनल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ)
उमेश कुमार शर्मा को सोमवार को पुलिस अदालत में पेश करेगी. उत्तराखंड रविवार को
उनके उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित आवास से गिरफ्तार किया है. उत्तराखंड के
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, कानून और व्यवस्था, अशोक कुमार ने बताया कि रविवार को प्रदेश पुलिस द्वारा
शर्मा के नोएडा स्थित कार्यालय तथा गाजियाबाद में उनके आवास पर दबिश दी गयी और
तलाशी ली गयी और इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. उन्होंने बताया कि 'समाचार प्लस' चैनल के पत्रकार आयुष
गौड़ ने पुलिस को एक प्रार्थनापत्र देकर उमेश शर्मा और अन्य के विरूद्ध आरोप लगाया
कि शर्मा ने उन्हें उत्तराखंड के प्रमुख अधिकारियों एवं राजनीतिक व्यक्तियों के
स्टिंग करने के लिए कहा था. स्टिंग न हो पाने पर गौड़ को जान से मारने की धमकी दी
गयी.चूंकि, उमेश के प्रदेश के तीन
पूर्व मुख्यंत्रियों, मंत्रियों के साथ भी करीबी ताल्लुकात हैं। ऐसे में सवाल यह
भी उठ रहा है कि कहीं इस स्टिंग के कैमरे के पीछे कहीं कोई सफेद कुर्ता तो नहीं?
इस आशंका को बल आयुष के
ही उस आरोप से मिल रहा है जिसमें उसने इस पूरी साजिश में राजनीतिक लोग, बड़े व्यापारी और कर्मचारी
भी शामिल होने का दावा किया है। उमेश की प्रदेश के राजनीतिक हल्कों में अच्छी पकड़
रही है। कई मुख्यमंत्रियों से लेकर मंत्रियों और सीनियर नौकरशाहों के साथ दोस्ताना
ताल्लुकात चर्चा में रहे हैं। हर सरकार में उमेश का सीएम से लेकर हर मंत्री और
नौकरशाही के साथ उठना-बैठना रहा है। उसके प्रति राजनीतिक दरियादिली की पुष्टि इससे
भी होती है कि वर्ष 2011 में उमेश के खिलाफ दर्ज हुए केसों के खिलाफ कुछ भाजपा नेता
ही सामने आए थे। बाद में इन मुकदमों को अगली सरकार में वापस लिया जाना शुरू हो गया
था। वर्ष 2016 में पूर्व सीएम हरीश रावत का स्टिंग करने में भी उमेश उनकी
निकटता के कारण कामयाब हो पाया था। रावत के आवास व दफ्तर में सहज एंट्री और
ताल्लुकात से ही रावत भी उमेश के बुलावे पर जौलीग्रांट पहुंच थे। जहां उनका स्टिंग
हो गया। ताजा मामले में भी कुछ यही तस्वीर सामने आई है। इस बार उमेश की टीम पूरी
तैयारी के साथ वर्तमान सीएम त्रिवेंद्र के घर तक पहुंची थी। सूत्रों का कहना है कि
सीधा सीएम पर हाथ डालने का मतलब राजनीतिक अस्थिरता फैलाना था। इतनी बड़ी प्लॉनिंग
बिना राजनीतिक खाद-पानी के मुमकिन प्रतीत नहीं होती।देहरादून पुलिस ने कड़ी सुरक्षा के बीच समाचार
प्लस के सीईओ उमेश कुमार को कोर्ट में पेश किया है. उमेश का कहना है- ”मेरे खिलाफ यह एक बड़ी
साजिश है और सरकार से उन्हें खतरा है”. रंगदारी और षड्यंत्र का मामला देहरादून के राजपुर थाने में 10 अगस्त को समाचार प्लस
चैनल के ही खोजी पत्रकार आयुष पंडित ने चैनल के सीईओ उमेश कुमार शर्मा, आयुर्वेद विवि के कुलसचिव
(निलंबित) मृत्युंजय मिश्रा, राहुल भाटिया, चैनल के ही पत्रकार व उमेश के भांजे प्रवीण साहनी और सौरभ
साहनी के खिलाफ दर्ज कराया था. आयुष पंडित का आरोप है कि उमेश स्टिंग ऑपरेशन के बल
पर राजनेताओं और अधिकारियों से वसूली करता है. मुख्यमंत्री का स्टिंग न करने पाने
पर उसने धमकाया और जान से मारने की धमकी दी. देहरादून की एसएसपी निवेदिता कुकरेती
ने बताया कि कोर्ट से वारंट प्राप्त करने के बाद कर पुलिस ने उमेश को गाजियाबाद
में इंदिरापुरम स्थित उसके घर से गिरफ्तार कर लिया है. अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी
के प्रयास किए जा रहे हैं. उमेश पर त्रिवेंद्र सरकार को अस्थिर करने का आरोप है.
पुलिस ने उमेश को गाजियाबाद के उनके घर से गिरफ्तार किया. इस मामले में मृत्युंजय
मिश्रा समेत चार अन्य के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है. उमेश को सलाखों के
पीछे भिजवाने में उनके समाचार प्लस चैनल के खोजी पत्रकार आयुष पंडित का हाथ है. आयुष
ने देहरादून के राजपुर थाने में उमेश कुमार समेत चार अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा
दर्ज कराया. आयुष का कहना है कि उसके माध्यम से उमेश कुमार ने मुख्यमंत्री,
मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव समेत कई
अन्य अफसरों के स्टिंग का तानाबाना बुना था. उमेश राज्य में राजनैतिक अस्थिरता
पैदा कर अपना स्वार्थ साधना चाहता था. उमेश की पत्नी सोनिया शर्मा का कहना है कि
उनके पति पर लगाए गए आरोप निराधार हैं. सोनिया के मुताबिक सरकार उनके पति को
फंसाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने पुलिस पर घर पर छापेमारी के दौरान अभद्र
व्यवहार करने का भी आरोप लगाया. उत्तराखंड के प्रमुख अधिकारियों और राजनीतिक
व्यक्तियों का स्टिंग आपरेशन करने की कोशिश और जान से मारने की धमकी देने के
आरोपों में ‘समाचार प्लस’ चैनल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) उमेश कुमार शर्मा
की गिरफ्तारी के बाद से मीडिया जगत में हड़कंप है. मीडिया की आड़ में स्टिंग और
ब्लैकमेलिंग पर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मामला 10 अगस्त में ही संज्ञान
में आ जाने पर सरकार ने बेहद खामोशी के साथ सारे तथ्यों की पड़ताल की। पुख्ता सुबूत
सामने आ गए, तब जाकर ही कार्रवाई शुरू की। इससे पहले भी सरकार ने एनएच-74 घोटाले में तथ्यों के
आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। उत्तराखंड के अतिरिक्त पुलिस
महानिदेशक, कानून और व्यवस्था अशोक
कुमार ने बताया कि रविवार को प्रदेश पुलिस द्वारा शर्मा के नोएडा स्थित कार्यालय
तथा गाजियाबाद में उनके आवास पर दबिश दी गयी और तलाशी ली गयी. इसके बाद उन्हें
गिरफ्तार कर लिया गया. उन्होंने बताया कि ‘समाचार प्लस’ चैनल के पत्रकार आयुष पंडित ने पुलिस को एक प्रार्थनापत्र
देकर उमेश शर्मा और अन्य के विरूद्ध आरोप लगाया कि शर्मा ने उन्हें उत्तराखंड के
प्रमुख अधिकारियों एवं राजनीतिक व्यक्तियों के स्टिंग करने के लिए कहा था. स्टिंग
न हो पाने पर आयुष को जान से मारने की धमकी दी गयी. अशोक कुमार ने बताया कि आयुष
पंडित के बयान के आधार पर देहरादून के राजपुर थाने में उमेश कुमार शर्मा तथा अन्य
के खिलाफ मुकदमा संख्या 100/18 धारा 386, 388, 120 (बी) के तहत दर्ज किया
गया. विवेचना के उपरांत शर्मा व अन्य के खिलाफ गैर जमानती वारंट तथा उनके दफ्तर और
आवास के लिये तलाशी वारंट जारी करवाया गया. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह
ने सरकार से स्टिंग की सभी सीडियोंको
सार्वजनिक करने और उसमें लेनेदेन करते पकड़े जाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की
मांग की। उन्होंने कहा कि ब्लैमेलिंग करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी
चाहिए। साथ ही स्टिंग के बनी सीडियों की जांच भी हो।यदि अफसर रुपयों का लेनदेन करते पाए जा रहे हैं
तो यह तो सरकार के जीरो टॉलरेंस पर भी सवाल उठाता है। इसका मतलब है कि भ्रष्टाचार
पर कोई अंकुश नहीं है। प्रीतम ने कहा यही वजह है कि सरकार लोकायुक्त नहीं ला रही
है। यदि लोकायुक्त होता तो ऐसे मामले भी न होते। इसके बाद उत्तराखंड पुलिस ने उनके
आवास और कार्यालय में दबिश देकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया. उमेश कुमार के कार्यालय
व आवास से विभिन्न प्रकार के फोन, हार्ड् डिस्क, पैन ड्राइव, मेमोरी कार्ड, आइपैड, लैपटॉप और डीवीडी बरामद किये गये हैं. इसके अलावा 39 लाख 73 हजार रूपये और 16279 अमेरिकी डॉलर,
11030 थाइलैंड की मुद्रा भी
बरामद की गयी है. अशोक कुमार ने बताया कि शर्मा को देहरादून लाया गया है और उनसे
पूछताछ की जा रही है. सीएम त्रिवेंद्र रावत के स्टिंग की कोशिश उठा रही है गंभीर
सवाल तीन पूर्व सीएम,मंत्रियों के साथ उमेश के
हैं नजदीकी ताल्लुकात