जज की पत्नी और बेटे के मर्डर केस में एस.आई.टी करेगी जांच, हमले में नया मोड़, हिरासत में लिए गए महिपाल के दो करीबी !
हरयाणा / गुरुग्राम (न्यूज़ ग्राउंड) आकाश मिश्रा :अडिशनल सेशन जज कृष्णकांत की पत्नी रितु की
हत्या और बेटे ध्रुव को गोली मारने के केस की जांच एसआईटी करेगी। डीसीपी ईस्ट
सुलोचना गजराज के नेतृत्व में 3 एसीपी और 4 इंस्पेक्टरों को टीम में शामिल किया गया है। पुलिस ने इस
मामले में आरोपी और जज के गनर महिपाल की मां और उसके ममेरे भाई को भी हिरासत में
लिया है। इससे पहले पुलिस ने आरोपी के मामा से भी पूछताछ की है। हालांकि पुलिस
अबतक इस हत्या का मोटिव नहीं जान पाई है। आरोपी लगातार अपने बयान बदल रहा है। इस
पूरे मामले में सस्पेंस बना हुआ है। आपको बता दें कि शनिवार को इस वारदात के बाद
क्राइम ब्रांच 39 और 40 की टीमों ने महिपाल को एनकाउंटर के बाद पकड़ा था। गोली
मारने के बाद महिपाल करीब डेढ़ घंटे तक घूमता रहा। ग्वाल पहाड़ी के पास रेड लाइट
होने पर वह पुलिस को देखते ही भागने लगा तो फायरिंग कर क्राइम ब्रांच की टीम ने
दबोच लिया। रविवार को महिपाल को ड्यूटी मैजिस्ट्रेट प्रियंका जैन के सामने पेश कर 4 दिन की रिमांड पर लिया
गया। बता दें कि शनिवार को हुए
इस गोलीकांड में जज की पत्नी की मौत हो गई। वहीं समाचार एजेंसी पीटीआइ के मुताबिक
उनका बेटा ध्रुव ब्रेनडेड है। इस मामले में रविवार पूरे दिन चली पूछताछ के बाद
पुलिस 32 साल के महिपाल की मानसिक
हालत पर भी गौर कर रही है। पुलिस उसके कथित 'गुरु' और 'गुरु मां' की भी तलाश में है,
जिनका उसपर काफी प्रभाव
था। जांच कर रहे सीआईडी अधिकारियों को शक है कि उसका गुरु इंद्रराज सिंह हो सकता
है, जिसे पुलिस ने एक बार
पहले धर्म परिवर्तन करवाने की शिकायतों के बाद गिरफ्तार किया था।सूत्रों के अनुसार, महिपाल के गुरु इंद्रराज सिंह व गुरु मां की तलाश की जा रही
है। 21 अगस्त 2018 को नारनौल के निजामपुर
रोड स्थित सांवरिया होटल में छापा मारकर पुलिस ने सीआरपीएफ के जवान समेत 8 लोगों को हिरासत में
लिया था। इन 8 लोगों में महिपाल की महिला गुरु भी शामिल है। महिपाल के
हस्तक्षेप पर पुलिस ने मामूली पूछताछ करके इन आरोपियों को छोड़ दिया था। 11 अगस्त 2015 को नारनौल उपमंडल के
गांव भुंगारका में पुलिस ने ग्रामीणों की शिकायत पर छापा मारा था।इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी इंद्रराज सिंह के खिलाफ
मुकदमा दर्ज कर उसे कोर्ट में पेश किया। इंद्रराज सिंह के द्वारा ही महिपाल इस
चक्रव्यूह में फंसा। उसकी मां ने उसका विरोध किया। जब बेटा नहीं माना तो वह भाई के
गांव कोसली चली आई। महिपाल महेंद्रगढ़ आकर युवाओं को गुमराह करता रहा। वह कई
युवाओं को धर्म परिवर्तन करा चुका है।
वहीं, जांच में सामने आया है कि शनिवार दोपहर एडिशनल सेशन जज
कृष्णकांत शर्मा की पत्नी और बेटे को गोली मारने की योजना उनके गनर ने 5 दिन पहले ही बना ली थी।
आरोपी गनर महिपाल के फोन डीटेल, साथियों से बातचीत और सोशल मीडिया पर उसकी पोस्ट से पुलिस
ने ऐसा नतीजा निकाला है। आरोपी महिपाल ने यह भी बताया कि शनिवार सुबह जज के बेटे
ध्रुव से उसकी बहस हुई थी। ध्रुव ने उसके सामने पुलिस की तुलना एक जानवर से की थी।
इससे वह तिलमिला गया था और उसने जज की पत्नी रितु से कहा था कि अपने बेटे को समझा
लें। पुलिस महिपाल की पत्नी व अन्य परिजनों से भी पूछताछ कर रही है। चर्चा है कि
आरोपित की उसकी पत्नी से अनबन रहती थी। महिपाल ने जिसके माध्यम से ईसाई धर्म
अपनाया, व जिस पादरी से वह हमेशा
मिलता था, उसकी भी तलाश की जा रही
है। सीएम मनोहर लाल ने डीजीपी से घटना की रिपोर्ट तलब की है। जांच के लिए डीजी
क्राइम पीके अग्रवाल और सीआईडी चीफ अनिल राव भी सेक्टर-56 थाने में पूछताछ करने
पहुंचे। अभी तक पूछताछ में कोई ऐसी बात सामने नहीं आ सकी, जिससे वारदात की वजह पता
चल सके। कई घंटों तक महिपाल से पुलिस कमिश्नर, डीसीपी, क्राइम टीमों ने पूछताछ
की। वह बार-बार अपने बयान बदल रहा है।हरियाणा के पूर्व एडीजी (क्राइम रिकार्ड ब्यूरो) रेशम सिंह का कहना है कि
किसी भी सुरक्षाकर्मी की ड्यूटी कहीं भी तीन महीने से अधिक नहीं होनी चाहिए। अधिक
समय तक यदि सुरक्षाकर्मी रहता है तो परिवार के सदस्य के रूप में भरोसा पैदा कर
लेता है। सुरक्षाकर्मी का जो काम है, वही करने देना चाहिए। महिपाल के पड़ोसियों का कहना है कि
महिपाल की पत्नी को कई बार उसपर चिल्लाते सुना, लेकिन महिपाल कुछ नहीं
बोलता था। पड़ोसियों को घटना की जानकारी हुई तो उन्हें यकीन नहीं हुआ, क्योंकि उनकी नजरों में
उससे पहले तक महिपाल साधारण आदमी था। कहा जा रहा है कि महिपाल की पत्नी को जब यह
पता चला कि वह जज के परिवार पर धर्म परिवर्तन का दबाव डाल रहा है तो वह अपने मायके
रोजका चली गई। वहीं महिपाल महेंद्रगढ़ के नांगल चौधरी कस्बे के पास गांव भुगारका
का रहने वाला है। उसके मामा ने 11 साल पहले पुलिस में नौकरी लगवाई थी। आरोपी सुरक्षाकर्मी
महिपाल को रविवार दोपहर कड़ी सुरक्षा में न्यायिक दंडाधिकारी (प्रथम श्रेणी)
प्रियंका जैन की अदालत में पेश किया गया। पुलिस पूछताछ के लिए आरोपित को सात दिन
के रिमांड पर लेना चाहती थी, लेकिन अदालत ने चार दिन का रिमांड स्वीकृत किया। अदालत में
पेशी की पूरी वीडियोग्राफी कराई गई।शनिवार दोपहर करीब तीन बजकर 20 मिनट पर आरोपित ने न्यायाधीश की पत्नी रितु (परिवार में
रेणु नाम से पुकारा जाता था) एवं बेटे ध्रुव को गोली मारी थी। उसी दिन शाम करीब
पांच बजे गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड स्थित गांव ग्वालपहाड़ी के नजदीक से उसे गिरफ्तार
कर लिया गया था। तब से उससे घंटे पूछताछ हो चुकी है, लेकिन अब तक आरोपित ने सच
नहीं बताया है। यही नहीं पुलिस जब महिपाल को पेशी के लिए अदालत लेकर पहुंची तो वह
रास्ते भर सिर झुकाए रहा। मीडियाकर्मियों के सवाल पर भी उसने सिर नहीं उठाया।
आरोपित की ओर से अदालत में जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की पैनल अधिवक्ता अलरीना
सेनापति पेश हुईं। उन्होंने बताया कि पेशी के दौरान भी आरोपित ने कुछ जवाब नहीं
दिया। उम्मीद है कि रिमांड के दौरान महिपाल कुछ जानकारी देगा। शनिवार देर रात
पुलिस आयुक्त केके राव ने पुलिस उपायुक्त (पूर्वी) सुलोचना गजराज के नेतृत्व में
दो पुलिस उपायुक्त स्तर के अधिकारी, दो सहायक पुलिस उपायुक्त के स्तर के अधिकारी एवं चार
इंस्पेक्टर की एसआइटी गठित कर दी। एसआइटी सेक्टर 56 थाने में घंटों आरोपित
से पूछताछ कर चुकी है। इसके बाद भी आरोपित ने गोली मुंह नहीं खोला है। वहीं,
कुछ लोग महिपाल के धर्म
परिवर्तन करके हिंदू से ईसाई बनने व धर्म परिवर्तन को लेकर न्यायाधीश की पत्नी और
बच्चे को उकसाने और बात नहीं मानने को भी गोली चलाने की वजह मानकर चर्चा करते रहे।
कुछ लोगों ने अधिकारियों द्वारा उनके नौकरों के साथ बर्ताव को लेकर भी सवाल उठाए।
आरोपित द्वारा फोन पर यह कहना कि आपके बेटे और पत्नी को गोली मार दी है को भी
मास्टर प्लान बता रहे हैं। फिलहाल सच सामने आने में अभी देरी है लेकिन चर्चाओं का
दौर जारी है। गुरुग्राम में अतिरिक्त जिला जज कृष्णकांत की पत्नी व बेटे पर गोली
चलाने वाला हेड कांस्टेबल महिपाल हर समय ईसाई धर्म का गुणगान करता था। जज की पत्नी
रितू उर्फ रेणु व बेटा ध्रुव उसे ऐसा करने से रोकते थे तो वह कोठी से बाहर निकल कर
उनको गालियां देता था। जज के बेटे ध्रुव को वह शैतान कहकर संबोधित करता था।गुरुग्राम में शनिवार को हुए इस हत्याकांड के
बाद डीजीपी बीएस सिंधु के आदेश पर महेंद्रगढ़ जिला में सीआइडी की टीम ने आरोपित
हेड कांस्टेबल महिपाल के पैतृक गांव भुंगारका, गांव कोसली स्थित मामा के
घर व रेवाड़ी जिला स्थित गांव रोजका समेत कई स्थानों पर जाकर एक दर्जन लोगों से
पूछताछ की तो यह राज खुला। महिपाल की पत्नी मीनू इसी बात से खफा थी। मीनू के
अनुसार वह उसके समक्ष मेमसाहब व ध्रुव को गालियां देता था तो वह भी अपने घर आ
गई।जज कृष्णकांत की पत्नी रितु (37) और बेटा ध्रुव (17) शनिवार दोपहर करीब 3 बजे सेक्टर-49 साउथ सिटी-2 स्थित आर्केडिया मार्केट आए थे। उनके साथ गनर महिपाल भी
था। कुछ देर बाद मार्केट से बाहर आने पर ध्रुव ने महिपाल से कार लाने को कहा। इसी
दौरान कुछ तीखी बहस हुई और गनर ने अचानक पिस्टल निकालकर पहले रितु को गोली मार दी।
विरोध करने पर ध्रुव के सिर में और कंधे के पास गोली मार दी। मौके पर मौजूद लोगों
ने घटना का विडियो बनाया, जिसमें महिपाल ध्रुव को कार में डालने की कोशिश करता है।
सफल नहीं होने पर मौके पर ही छोड़कर कार लेकर भाग जाता है।