नई दिल्ली (न्यूज़ ग्राउंड) :टेलीविजन पर मशहूर
रहे क्राइम शो की एंकरिंग करते-करते पत्नी की हत्या के मामले में फंसे सुहैब
इलियासी को दिल्ली हाई कोर्ट ने बड़ी राहत दी है. अदालत ने इस मामले में हत्या के
आरोप से सुहैब को बरी कर दिया है. बाते दें कि दिल्ली की एक निचली अदालत ने उन्हें
पत्नी की हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी. दिल्ली उच्च न्यायालय
ने 18 साल पहले अपनी पहली पत्नी अंजू की हत्या के लिए आजीवन
कारावास की सजा पाने वाले पूर्व टीवी एंकर और निर्माता सुहैब इलियासी को बरी कर
दिया है. जस्टिस एस मुरलीधर और विनोद गोयल की एक खंडपीठ ने इलियासी की अपील पर
सुनवाई करने के बाद ये फैसला सुनाया. ज्ञात हो कि टीवी क्राइम शो इंडियाज मोस्ट
वांटेड से प्रसिद्धी पाने वाले सुहैब इलियासी की पत्नी अंजू इलियासी की वर्ष 2000 में चाकू लगने से संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी।
पांडव नगर थाना पुलिस ने अंजू के परिजनों की शिकायत पर सुहैब के खिलाफ दहेज
प्रताड़ना एवं दहेज हत्या का मामला दर्ज किया था। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद
कड़कड़डूमा कोर्ट ने दिसंबर, 2017 को इस मामले में उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी। पत्नी अंजू
की हत्या में उम्रकैद की सजा पाने वाले इंडिया मोस्ट वांटेड फेम सुहैब इलियाबी 90 के दशक में टेलीविजन की
बड़ी हस्तियों में शुमार थे। निजी टेलीविजन चैनल पर प्रसारित होने वाले अपराध
आधारित प्रोग्राम को देखने के लिए लोग शाम का समय विशेष से रूप से निकालते
थे।बता दें कि इंडिया मोस्ट वांटेड अपनी तरह का पहला ऐसा शो
था जो एंटी क्राइम एक्टीविजम पर आधारित था। इस शो में कुख्यात अपराधियों से जुड़ी
इतनी गहन और डिटेल जानकारी होती थी कि पुलिस महकमा भी हैरान रह गया था। ऐसा जाता
है कि छह साल के अंदर ही सुहैब इलियासी की मदद से पुलिस ने 135 से ज्यादा शातिर-कुख्यात अपराधियों को पकड़ा था। यह भी कहा
जाता था कि पुलिस भी सुहैब को फोन कर कहती थी कि शातिर अपराधियों को पकड़वाने में
हमारी मदद करें। हुआ भी ऐसा ही जल्द ही पुलिस ने शोएब इलियासी से संपर्क किया।
माना जाता है कि कई कुख्यात अपराधियों को पकड़वाने में शोएब ने पुलिस की मदद भी की
थी। सजा पाने से पहले वह कुछ मैगजीन और एक इंटरनेट पोर्टल को चलाते थे। 2006 में उन्होंने दूसरी शादी कर ली। उनकी एक तकरीबन 20 साल की बेटी और आठ साल का बेटा भी है। उनकी बेटी का नाम
आलिया और बेटे के नाम मिहरान है। 11 जनवरी 2000 को मयूर विहार फेज-एक स्थित सुहैब के आवास पर पत्नी अंजू
की चाकू लगने से संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। 28 मार्च 2000 को पुलिस ने सुहैब को गिरफ्तार किया था, लेकिन बाद में जमानत मिल गई थी। निचली अदालत ने 29 मार्च, 2011 को सुहैब के खिलाफ दहेज प्रताड़ना व दहेज हत्या की धारा के
तहत आरोप तय किए थे। इस पर सुहैब की सास रुकमा सिंह ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी
और हत्या, सबूत मिटाने सहित अन्य धाराओं के तहत आरोप तय करने की मांग
की थी। 12 अगस्त 2014 को हाईकोर्ट ने सुहैब के खिलाफ हत्या का केस चलाने का
निर्देश दिया था। हाईकोर्ट ने कहा था कि अंजू की दो बहनों के बयानों को देखने के
बाद प्रथमदृष्टया यह पाया गया है कि सुहैब के खिलाफ हत्या का मामला बनता है। 20 दिसंबर, 2017 को दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई। 02 अक्टूबर, 2018 को दिल्ली हाई कोर्ट ने सुहैब इलियासी को बरी किया।हालांकि
मुमकिन है कि अंजू इलियासी का परिवार और दिल्ली पुलिस हाई कोर्ट से आए इस फैसले को
सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दें. 18 साल पहले साल 2000 में अंजु इलियासी की
दिल्ली में उनके घर में ही हत्या कर दी गई थी. इसमें उनके पति सुहैब इलियासी को
आरोपी बनाया गया था. हत्या के इस केस ने सुर्खियां इसलिए भी ज्यादा बटोरी क्योंकि
खुद सुहैब इलियासी देश के खूंखार अपराधियों को पकड़वाने के लिए अपना क्राइम शो
चलाते थे. इस घटना के बाद वे खुद अपनी पत्नी की हत्या के आरोपी बन गए थे. बताते
चलें कि सुहैब इलियासी और अंजू साल 1989 में जामिया मिलिया
इस्लामिया में एक साथ पढ़ रहे थे. तभी दोनों के बीच प्यार हुआ. अंजू के घर वालों
ने इस रिलेशन को लेकर विरोध किया. इसके बाद दोनों लंदन चले गए. घरवालों के विरोध
के बावजूद सुहैब और अंजू ने साल 1993 में लंदन में शादी कर ली थी.