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शिक्षा
By   V.K Sharma 10/05/2020 :20:24
Delhi University : टास्क फोर्स ने दिया डीयू का ओपन बुक परीक्षा कराने का सुझाव !
 

नई दिल्ली (न्यूज़ ग्राउंड) आकाश मिश्रा : दिल्ली विश्वविद्यालय के समक्ष वर्तमान में सबसे बड़ी चुनौती स्नातक तृतीय वर्ष के छात्रों की परीक्षा कराकर परिणाम जारी करना है। डीयू द्वारा गठित टास्क फोर्स ने ओपन बुक के माध्यम से परीक्षा कराने का सुझाव दिया है, जिस पर शुक्रवार को चर्चा हुई। टास्क फोर्स के अलावा डीयू ने परीक्षा के लिए वर्किंग ग्रुप बनाया है, जिसमें 15 सदस्य हैं। शुक्रवार को हुई वर्किंग ग्रुप की बैठक में सदस्यों ने इस पर चर्चा की, लेकिन अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। अगर ओपन बुक से परीक्षा लेने संबंधी निर्णय हो जाता है तो छात्रों को घर बैठे परीक्षा देनी होगी। डीयू में रेगुलर छात्रों से अधिक एसओएल के छात्र हैं, जो स्नातक तृतीय वर्ष की परीक्षा का इंतजार कर रहे हैं।

क्या सुझाव दिया : डीयू के एक शिक्षक ने बताया कि ओपन बुक परीक्षा को लेकर टास्क फोर्स ने सुझाव दिया है कि छात्रों को ईमेल के माध्मय से प्रश्नपत्र दिए जाएंगे। इस प्रश्नपत्र का उत्तर दो घंटे में हाथ से लिखकर छात्र ईमेल के माध्मय से डीयू को भेज दें। उत्तर पुस्तिका जांचते समय परीक्षक यह जानने का प्रयास करेंगे कि छात्र ने सवालों के जवाब देने में पुस्तक के अलावा अपनी प्रतिभा का भी प्रयोग किया है। इससे स्नातक तृतीय वर्ष के न केवल रेगुलर, बल्कि एसओएल में पढ़ने वाले छात्रों की समस्या का भी समाधान हो जाएगा। 

क्या है परेशानी : डीयू की विद्वत परिषद, शिक्षक संघ कार्यकारिणी और पूर्व विद्वत परिषद के सदस्यों ने डीयू कुलपति प्रो. योगेश कुमार त्यागी को पत्र लिखा है कि ओपन बुक ऑनलाइन परीक्षा एक जटिल प्रक्रिया है, क्योंकि डीयू में इसका प्रावधान नहीं है। पत्र लिखने वालों में से एक डा. पंकज गर्ग का कहना है कि डीयू में पढ़ने वाले लगभग 45 फीसदी छात्र दिल्ली से बाहर रहते हैं, इन सबके पास इंटरनेट की उपलब्धता नहीं है। इसके अलावा विज्ञान के विषय चित्र और रेखांकन से जुड़े हैं, उनमें छात्रों को काफी परेशानी होगी। बेहतर होगा कि डीयू प्रशासन विद्वत परिषद और कार्यकारी परिषद की ऑनलाइन बैठक बुलाए और उसमें इन बातों को रखे।
क्या कहना है यूजीसी का- डा.पंकज गर्ग ने बताया कि विश्वविद्यालयों की परीक्षाओं के आयोजन से जुड़ी समितियों के सुझाव को यूजीसी ने विश्वविद्यालयों को भेजा है। इसमें स्पष्ट कहा गया है कि विश्वविद्यालय अपने आर्डिनेंस के हिसाब से सेमेस्टर की परीक्षा कराएं, उसमें कहीं ओपन बुक परीक्षा की बात नहीं कही गई है।



V.K Sharma
Editor in Chief
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