रायबरेली में इतिहास रचने के लिए 5वीं बार सियासी रण में सोनिया गांधी ,नामांकन के बाद बोलीं - मोदी को लगता है वो अजेय हैं, वाजपेयी को भी यही लगा था !
रायबरेली, उत्तर प्रदेश (न्यूज़ ग्राउंड) आकाश मिश्रा : कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष और यूपीए की चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने गुरुवार को रायबरेली लोकसभा सीट से नामांकन दाखिल किया. सोनिया रायबरेली सीट से पांचवी बार मैदान में उतरी हैं. अगर वह चुनावी जंग फतह करने में कामयाब रहती हैं तो एक रिकॉर्ड कायम करेंगी. रायबरेली के सियासी इतिहास में पहली बार होगा जब कोई पांचवी बार यहां से जीतकर संसद पहुंचेगा से नामांकन दाखिल करने के बाद कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अजेय नही हैं। हम उन्हें हरा देंगे। 2004 के लोकसभा चुनाव में भी पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के जीतने की बातें की जा रही थीं लेकिन हमने जीत दर्ज की। इस बार भी कांग्रेस की जीत होगी इस मौके पर उनके साथ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्वी उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा, रॉबर्ट वाड्रा व उनके बच्चे मौजूद रहे। नामांकन के लिए निकलने से पहले सोनिया गांधी ने कांग्रेस मुख्यालय पर हवन-पूजन किया। इसके बाद कलेक्ट्रेट तक रोड शो किया गया। इसके पहले सोनिया गांधी का काफिला जब भुएमऊ गेस्ट हाउस से निकला तो रास्ता भटक गया। जिससे जाम लग गया। वहीं, अफसरों में भी हड़कंप मच गया। रायबरेली लोकसभा सीट पर अब तक हुए चुनाव में कोई भी उम्मीदवार चार बार से अधिक चुनाव जीतकर लोकसभा नहीं पहुंचा है. जबकि फिरोज गांधी से लेकर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी तक यहां से चुनाव लड़ चुके हैं. इस सीट पर अभी तक सबसे ज्यादा चार बार जीतने का रिकॉर्ड कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के नाम है. सोनिया गांधी ने जब सियासत में कदम रखा तो पहली बार उन्होंने अपने पति राजीव गांधी की संसदीय सीट अमेठी को अपनी कर्मभूमि बनाया और 1999 में यहीं से चुनकर पहली बार संसद पहुंचीं. 2004 में राहुल गांधी ने राजनीति में एंट्री के बाद सोनिया गांधी ने बेटे के लिए अमेठी छोड़कर अपनी सास और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की संसदीय सीट रायबेरली को अपनाया और यहीं की होकर रह गईं. रायबेरली संसदीय सीट से सोनिया गांधी ने पहला चुनाव 2004 में लड़ा और करीब ढाई लाख मतों से जीत दर्ज की. इसके बाद सोनिया गांधी ने बीच कार्यकाल में लाभ के पद के आरोप के चलते लोकसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया. इसके बाद 2006 में उपचुनाव हुआ और सोनिया गांधी करीब 4 लाख 17 हजार मतों से जीत दर्ज की. 2009 में सोनिया गांधी एक बार फिर चुनावी मैदान में उतरीं और उन्होंने पौने चार लाख मतों से जीत हासिल की. इसके बाद चौथी बार 2014 के लोकसभा चुनाव में उतरीं और करीब साढ़े तीन लाख वोटों से जीत हासिल की. सोनिया गांधी के बाद सबसे ज्यादा बार जीतने का रिकॉर्ड इंदिरा गांधी के नाम है. इंदिरा गांधी चार बार चुनावी मैदान में उतरीं और तीन बार जीत दर्ज करने में कामयाब रही थीं. इंदिरा गांधी पहला चुनाव 1967 में लड़ीं और जीतकर संसद पहुंचीं. इसके बाद दूसरी बार 1971 में भी जीत दर्ज की और तीसरी बार इंदिरा गांधी 1977 में मैदान में उतरीं तो उन्हें राज नारायण के हाथों हार का मुंह देखना पड़ा. इसके बाद 1980 में इंदिरा गांधी ने रायबरेली और मेडक सीट से पर्चा भरा और दोनों जगह से जीतने में कामयाब रहीं, लेकिन उन्होंने रायबरेली से इस्तीफा दे दिया. रायबरेली सीट से दो-दो बार जीतने का रिकॉर्ड फिरोज गांधी, बैजनाथ कुरील, अरुण नेहरू, शीला कौल और अशोक सिंह के नाम हैं. 1999 में कैप्टन सतीश शर्मा यहां से सांसद बने. मोदी लहर में भी इस सीट पर बीजेपी का कमल नहीं खिल सका है. दिलचस्प बात ये है कि सपा और बसपा इस सीट पर अभी तक खाता नहीं खोल सकी हैं.वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कांग्रेस केंद्र में सरकार बनाएगी। उन्होंने पीएम मोदी के अजेय होने के सवाल पर कहा कि हर अहंकारी नेता को लगता है कि उसे कभी हराया नहीं जा सकता, पर वह हारता है। राहुल गांधी ने राफेल मुद्दे पर कहा कि सुप्रीम कोर्ट के बयान से यह स्पष्ट हो गया है कि चौकीदार ने चोरी की। पीएम मोदी ने देश की गरीब जनता का पैसा अपने उद्योगपति दोस्त को दे दिया।