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राजनीति
By   V.K Sharma 07/04/2019 :21:23
मध्य प्रदेश में राजनीतिक भूचाल, कमलनाथ के करीबियों पर IT की रेड, सीआरपीएफ और पुलिस के बीच नोकझोंक !
 






भोपाल/ मध्यप्रदेश (न्यूज़ ग्राउंड) आकाश मिश्रा : मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के निजी सचिव प्रवीण कक्कड़ के इंदौर और भोपाल स्थित आवास पर आयकर विभाग शनिवार रात 3 बजे से शुरू हुई छापेमारी रविवार सुबह तक भी जारी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सीएम के भांजे रातुल पुरी, सलाहकार आरके मिगलानी और प्रतीक जोशी के करीब 50 ठिकानों पर रेड डाली गई है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में अश्विन शर्मा के घर के बाहर मध्यप्रदेश पुलिस और सीआरपीएफ के जवान उलझ गए हैं। उनके बीच तीखी बहस होने लगी। हालांकि इनकम टैक्स विभाग की रेड जारी है। भोपाल के सिटी एसपी एच सिंह ने बताया कि हमें इनकम टैक्स की रेड से कोई लेनादेना नहीं है। यह एक रेसिडेंसियल कॉम्प्लेक्स है। जिसमें रहने वाले कई लोगों को मेडिकल सुविधाओं की जरूरत है इसलिए उनलोगों ने लोकल पुलिस को बुलाया है। जबकि रेड के दौरान इन लोगों ने पूरे कॉम्प्लेक्स को बंद कर दिया है। वहीं सीआरपीएफ अधिकारी प्रदीप कुमार ने बताया कि लोकल पुलिस हमें काम नहीं करने दे रही है। हमसे गलत तरीके से व्यवहार किया जा रहा है। हम सिर्फ अपने सीनियर अधिकारी का ऑर्डर फॉलो कर रहे हैं। सीनियर ने हमें कहा है कि हमें कोई अंदर नहीं आए। इसलिए हम कार्रवाई चलने तक आदेश का पालन कर रहे हैं। हम अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मिगलानी के घर नोट गिनने की मशीन और 2 बक्से लगाए गए है। IT सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अब तक16 करोड़ रुपये बरामद किए गए है। सूत्रों के मुताबिक दिल्ली, भोपाल, इंदौर, गोवा सहित 50 ठिकानों पर ये छापेमारी की जा रही है। छापेमारी के दौरान प्रतीक जोशी के घर से भारी मात्रा में कैश बरामद किया गया है। ग्रेटर नोएडा स्थित मोजर बीयर कंपनी में भी आयकर विभाग के लगभग 20 अधिकारी छापेमारी के लिए पहुंचे अभी भी अधिकारी कंपनी के अंदर मौजूद हैं।  दिल्ली से आए आयकर विभाग के 15 अफसरों की टीम इंदौर में स्कीम नंबर 74 स्थित कक्कड़ के आवास पर पहुंची। यहां विजय नगर स्थित शोरूम, बीएमसी हाइट्स स्थित ऑफिस, शालीमार टाउनशिप और जलसा गार्डन, भोपाल स्थित घर श्यामला हिल्स, प्लेटिनम प्लाजा कॉलोनी समेत अन्य स्थानों पर भी जांच की जा रही है। प्रवीण कक्कड़ पूर्व पुलिस अधिकारी हैं। उन्हें राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया था। 2004 में नौकरी छोड़कर वे कांग्रेस नेता कांतिलाल भूरिया के ओएसडी बने। दिसंबर 2018 में कमलनाथ के ओएसडी बन गए। बताया जा रहा है कि नौकरी में रहते हुए उनके खिलाफ कई मामले सामने आए, जिनकी जांच चल रही है।गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव के मद्देनजर इनकम टैक्स के  अधिकारी जगह-डगह छापेमारी कर रहे हैं। इससे पहले आंध्र प्रदेश में भी कई नेताओं के घर छापेमारी की गई थी। जिसका विरोध करते हुए सीएम चंद्रबाबू नायडू ने धरना दिया था और पीएम नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया था कि उनके इशारे पर ही ये छापेमारी की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री के करीबी है: प्रवीण जब पुलिस अधिकारी थे तभी उनके खिलाफ कई मामले सामने आए थे। प्रवीण कक्कड़ सीएम कमलनाथ, दिग्विजय सिंह और कांतिलाल भूरिया के काफी करीबी माने जाते हैं। जब आयकर विभाग की टीम देर रात पहुंची तो कक्कड़ के परिवार के लोग घबरा गए थे। जब उन्हें पुख्ता हो गया कि ये सभी आयकर के अधिकारी हैं तो उन्होंने जांच में सहयोग किया।
कौन हैं कक्कड़: प्रवीण कक्कड़ पूर्व पुलिस अधिकारी हैं। उन्हें राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया था। 2004 में नौकरी छोड़कर वे कांग्रेस नेता कांतिलाल भूरिया के ओएसडी बने। दिसंबर 2018 में कमलनाथ के ओएसडी बन गए। बताया जा रहा है कि नौकरी में रहते हुए उनके खिलाफ कई मामले सामने आए, जिनकी जांच चल रही है।

कौन हैं राजेंद्र मिगलानी: ये करीब 30 वर्ष से कमलनाथ से जुड़े हैं। जब कमलनाथ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री बने तो उन्होंने मिगलानी को अपना सलाहकार नियुक्त किया। मुख्यमंत्री से कौन- कब मिलेगा इसके साथ ही उनके अन्य कामों को भी मिलगानी ही संभालते हैं। आयकर विभाग ने मिगलानी के दिल्ली में ग्रीन पार्क कॉलोनी स्थित घर पर कार्रवाई की है।
कौन हैं प्रतीक और अश्विन: प्रतीक जोशी और अश्विन शर्मा भोपाल के आर्म्ड डीलर हैं। दोनों आपस में रिश्तेदार भी हैं। आयकर विभाग के सूत्रोंने उनके घर से नौ करोड़ रुपए मिलने की बात बताईहै। दोनों की सीएम हाउस तक सीधे पहुंच थी। बताया जा रहा है कि प्रवीण कक्कड़ इन्हीं के माध्यम से डीलिंग करता था। अश्विन शर्मा की कई भाजपा नेताओं से भी नजदीकी की बात सामने आई है।

सीआरपीएफ की ली मदद, एमपी की इनकम टैक्स को नहीं खबर: बताया जा रहा है कि इनपुट के बाद मारे गए छापे की जानकारी मध्य प्रदेश के भी आयकर के अधिकारियों को नहीं थी। दिल्ली की टीम ने प्रदेश पुलिस की मदद की जगह पहली बार सीआरपीएफ की टीम को छह गाड़ियों में दिल्ली से अपने साथ लेकर आई। आयकर विभाग की टीम दिल्ली से चार अप्रैल को भोपाल के लिए निकली। छापा मारने के लिए छुट्टी पर गई महिला कर्मियों को छुट्टी कैंसिल कर भोपाल बुलाया गया।

प्रतीक जोशी अश्विन शर्मा के यहां भी छापे: भोपाल में प्लेटीनम प्लाजा की छठी मंजिल पर प्रतीक जोशी और अश्विन शर्मा का निवास है। दोनों ही प्रवीण कक्कड़ के बेहद करीबी माने जाते हैं। यहीं पर दोनों के ऑफिसभी हैं। प्रवीण कक्कड़ जब भी भोपल में रहते इन प्रतीक जोशी अश्विन शर्मा से मिलने आते थे।

कार से मिले डॉलर:आयकर विभाग को प्लेटीनम प्लॉजा की पॉर्किंग में अश्विन की करीब दो दर्जन लग्जरी कारें मिली हैं। इसमें आधा दर्जन विंटेज कारें भी शामिल हैं। आयकर विभाग की टीम ने कारों की तलाशी भी ली है। उधर दिल्ली में मृगलानी की दो लग्जरी कारों से टीम ने डॉलर बरामद किए हैं।

हवाला और ट्रांसफर कराने का है करोड़ों रुपया :बताया जा रहा है कि बीते दिनों जबलपुर में पकड़े गए हवाला कारोबारी लालवानी के यहां आयकर विभाग ने छापा मारा था। भोपाल में भी कुछ दिन पहले एक हवाला गिरोह पकड़ाया था। मामले में बड़े नाम आने के बाद इसे रफा-दफा कर दिया गया। इसके बाद इसकी सूचना दिल्ली में आयकर विभाग के अधिकारियों को दी गई थी इसके बाद आज ये कार्रवाई की गई। भोपाल में बरामद 9 करोड़ रुपए के लेकर ये भी कहा जा रहा है कि प्रदेश में बड़े पैमाने पर हुए तबादलों के दौरान हुए लेनदेन के बाद ये पैसा अश्विन के पास रखा हुआ था।

कक्कड़ ने कमलनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद दिसंबर 2018 में ओएसडी का पद संभाला था।आम चुनाव की घोषणा के बाद उनकेइस पद से इस्तीफा देने की बात सामने आई थी लेकिन मप्र कांग्रेस के मीडिया समन्वयक नरेन्द्र सलूजा के अनुसार उन्होंने अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया था।मिगलानी ने छिंदवाड़ा में चुनाव प्रबंधन के लिए हाल ही में अपने पद से इस्तीफा दिया था।

एनजीओ संचालक और आर्म्ड डीलर : बताया जा रहा है भोपाल में प्लेटीनम प्लाजा की पांचवी और छठी मंजिल का मालिकाना हक अश्विन के पास है। यहां उसके करीब 15 फ्लैट है, इनकी कीमत करोड़ों रुपए है। वो आर्म्ड डीलिंग के अलावा कई एनजीओ भी चलाता है। अश्विनी शर्मा को आईटी की टीम पूछताछ के लिए भोपाल के आईटी के मुख्यालय लेकर गई है। जब अश्विन से कार्रवाई के बारे में पूछा गया तो उसने कहा कि वो नहीं जनता कि कार्रवाई क्यों हुई है। इतना ही नहीं उसने यह भी कहा कि वह कांग्रेस के नही बीजेपी का आदमी हैं। अश्विनी शर्मा ने बताया की ना तो वह न तो मुख्यमंत्री कमलनाथ को जानता हैं और न ही प्रवीण कक्कड़ को।



V.K Sharma
Editor in Chief
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