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अध्यात्म
By   V.K Sharma 22/09/2018 :18:52
दधीचि देह दान समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम में परम स्नेही भाई अजय जी का कथा वाचन
 


दधीचि देह दान समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम में परम स्नेही भाई अजय जी का महर्षि दधीचि कथा के द्वारा जनता को देहदान के प्रति जागरूकता अभियान

नई दिल्ली(न्यूज़ ग्राउंड)दधीचि देह दान समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम में परम स्यों से दान की परम्परा रही है। महर्षि दधीचि से लेकर राजा शिवि हों या मोरध्वज। जब हम अपनी श्रुतियों और परम्पराओं को खंगालेंगे तो हमें अनेक ऐसे दानी रत्न मिल जाएंगे। सर्वाधिक महतवपूर्ण बात यह है कि इन सभी के अंर्तमन में दान देते समय देने की नहीं बल्कि कत्र्तव्य की भावना रहती थी। जहां तक स्मृति विगत की तरफ दौड़ती है महर्षि दधीचि ऐसे प्रथम दानी थे जिन्होंने अपनी सम्पूर्ण देह कर्तव्य भाव से, बल्कि कहें सहज स्वभाव से,देवताओं को दान कर दी थी,नई दिल्ली के  चिन्मय मिशन लोधी रोड पर सुविज्ञ कथावाचक भाई अजय जी ने दधीचि जयंती पर 22 सितम्बर 2018 को दधीचि की देह दान की कथाका वर्णन किया। भाई अजय जी ने कथा वाचन से पहले गणपति की वंदना की और इसके बाद कथा सुनाना प्रारम्भ किया। उन्होंने बताया क्यों देवासुर संग्राम हुआ और असुर राजा वृत्रासुर का आर्विभाव कैसे हुआ। कथावाचक अजय भाई द्वारा गाई गई दधीचि देह दान  की प्रेरक कथा सुनाई  केंद्रीय मंत्री अश्वनी चौबे ने कहा कि पूरे देश मे दधीचि द्वारा देहदान कार्यक्रम का आयोजन कर लोगों को इस पूनीत कार्य के लिए उत्साहित किया जा रहा है। महर्षि दधीचि की कथा का आयोजन से लोगो मे देह दान के प्रति जागरूक करके  कार्यक्रम और शरीर दान कर लोगों ने बेमिसाल कायम की है।मानवता के लिए देहदान, अंगदान व जीवन दान जरूरी है। जीते जी रक्तदान, मृत्यु के बाद अंगदान जरूर करें।दधीचि देह दान समिति के संरक्षक एवम विश्व हिंदू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय कार्यवाहक अध्यक्ष आलोक कुमार ने बताया कि इस समिति का मुख्य कार्य है लोगों को देहदान एवं अंगदान के लिए प्रेरित करना। 1997 में समिति की स्थापना के बाद से ही इसके कार्यकर्ता निरन्तर लोगों को समझा रहे हैं कि यह शरीर नश्वर है। मृत्यु के बाद देह मिट्टी हो जाती है। पर अब विज्ञान की प्रगति के साथ-साथ यह मृत देह भी अमर हो सकती है। मरने के पश्चात् भी आंखें देख सकती हैं, कान सुन सकते हैं और दिल धड़कता रह सकता है। निष्प्राण-जीर्ण शरीर, शिक्षा और विज्ञान की अमूल्य सेवा कर सकता है। कार्यकर्ताओं की ये बातें लोगों पर जबरदस्त प्रभाव छोड़ रही हैं और लोग सहर्ष मृत्योपरान्त अंगदान/देहदान के लिए तैयार हो रहे हैं। ,संस्था के अध्यक्ष एवम पूर्व महापौर हर्ष मलहोत्रा ने आये हुए अतिथियों का धन्यवाद करते हुए उपस्थित लोगों से कहा कि इस प्रकार के आयोजन से लोगो को मृत्युपरान्त देहदान ओर अंगदान के प्रति लोगो को जागरूक करना है । इस अवसर पर सैकड़ो।लोगो ने दधीचि कथा का श्रवण किया सुधीर गुप्ता , वी के शर्मा , योगेंद्र गुप्ता, विश्वाश शुक्ल आदि भी उपस्थित थे



V.K Sharma
Editor in Chief
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