आज सावन के दूसरा सोमवार को , जानिए कोनसे 4 शुभ योग बन रहे हैं !
नई दिल्ली (न्यूज़ ग्राउंड) आकाश मिश्रा : आज 6 अगस्त को है, इस दिन बेहद शुभ संयोग बनने जा रहा है। इस संयोग
में पूजा करने से भगवान हर मनोकामना पूरी करते हैं।पुराणों के अनुसार, अन्य दिनों की
अपेक्षा सावन में इस संयोग में शिव की सच्चे मन से पूजा करने पर कई गुणा लाभ मिलता
है। शिव के रूद्र रूप को उग्र माना जाता है लेकिन प्रसन्न होने पर ये तीनों लोकों
के सुखों को भक्तों के लिए सुलभ कर देते हैं। सावन के महीने में रूद्र ही सृष्टि
के संचालन का कार्य देखते हैं। आइए जानते हैं, इस सोमवार को कौन सा खास संयोग बना हैवहीं दोपहर में वर्धमान और सर्वार्थसिद्धि योग भी रहेंगे। इनके अलावा आज
चंद्रमा का अपने ही नक्षत्र और उच्च राशि में होने से इन शुभ योगों का प्रभाव और बढ़ जाएगा। सावन के
हर सोमवार को शिवजी की पूजा एवं व्रत करना चाहिए और शिवलिंग पर जल चढ़ाना चाहिए।
स्कंदपुराण के अनुसार भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए सावन सोमवार को एक समय
भोजन करने का संकल्प लेना चाहिए। भगवान भोलेनाथ के साथ पार्वती जी की पुष्प,
धूप, दीप और जल से पूजा करनी चाहिए। इसके बाद भगवान शिव को ऋतुफल और तरह-तरह के
नैवेद्य लगाने चाहिए।सावन का दूसरा सोमवार शिवभक्तों को बेहतर स्वास्थ्य और बल
प्रदान करने वाला माना गया है। सावन के इस सोमवार में शिव को भांग, धतूरा और शहद अर्पित
करना उत्तम फलदायी रहेगा। कालसर्प योग की शांति के लिए भी दूसरा सोमवार बेहद शुभ
है। शिव का रुद्राभिषेक से विशेष लाभ और शिव की कृपा प्राप्त होती है और कालसर्प
योग भी दूर होता है। सावन का दूसरे सोमवार को सर्वार्थ सिद्धि योग बना है
इसके साथ ही वृद्धि योग और कृतिका नक्षत्र का संयोग बना है। जब सोमवार में इस तरह
का योग बनता है तब इस मुहूर्त में शुक्र अस्त, पंचक, भद्रा आदि पर विचार करने की जरूरत नहीं होती है।
सच्चे मन से पूजा करने पर भगवान का आशीर्वाद मिलता है। सर्वार्थ सिद्धि योग
अपने आप में भी सिद्ध मुहूर्त होते है। इस मुहूर्त में पूजा करने से नीच ग्रहों का
प्रभाव नहीं रहता है। इसके अलावा कुयोग को समाप्त करने की शक्ति भी इस मुहूर्त में
होती है। इस योग में आप गृह प्रवेश, मकान खरीदना, उद्घाटन करना, वाहन खरीदना आदि सभी
कार्यों को आप बेहिचक इस मुहूर्त में कर सकते है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, भगवान शिव के पुत्र
श्री कार्तिकय को कृतिका नक्षत्र का देवता माना जाता है। जिसके चलते इस नक्षत्र पर
कार्तिकेय का भी प्रबल प्रभाव रहता है। इस नक्षत्र में भगवान शिव की पूजा करने से
विनम्रता, तीव्र बुद्धि तथा अन्य कई विशेषताएं आशीर्वाद के रूप में शिवभक्त
को मिलती हैं।
आज क्या करें :दिन के हर प्रहर में शिवजी को दूध और जल चढ़ाएं।,
सुबह पूजा करते समय शिवजी को बिल्वपत्र और मदार के फूल चढ़ाएं।, दिन
में नहीं सोना चाहिए। , रात को जमीन पर सोना चाहिए। , सावन सोमवार व्रत में तीन पहर तक उपवास रखने के
बाद एक समय भोजन करना चाहिए। , भगवान शिव की प्रिय वस्तुएं जैसे भांग धतुरा आदि उनकी पूजा में अवश्य रखने का
प्रयत्न करना चाहिए। ,किसी जुठा भोजन नहीं करना चाहिए। , दिनभर में एक
बार दूध या फल खा सकते हैं। ,बिना नमक का भोजन करें तो उत्तम है। , रात में
पति-पत्नी को एक बिस्तर पर नहीं सोना चाहिए।