सावन में खास होता है सोमवार, बस तीन शब्दोंै से प्रसन्न हो जाते हैं भोले मिलता है विशेष आशिर्वाद, कैसे करे पूजा !
नई दिल्ली
(न्यूज़ ग्राउंड) : उदया तिथि में सावन का पहला दिन 28 जुलाई 2018 को पड़ेगा
इसलिए वास्तविक सावन का आरंभ तभी से माना जाएगा। इसके बाद 26 अगस्त 2018 को सावन मास
का आखिरी दिन होगा। 26 अगस्त को रविवार पड़ रहा है, इसलिए सावन का आखिरी सोमवार 20 अगस्त को होगा यानि इस महीने में अबकी बार 4 सोमवार पड़ेंगे। इस प्रकार जो लोग सावन में
सोमवार का व्रत रखते हैं उन्हें सिर्फ चार दिन ही व्रत रखने होंगे। सावन की कुछ
महत्वपूर्ण तिथियां ये हैं- 28 जुलाई 2018 को सावन मास आरंभ , 30 जुलाई 2018 को सावन का
पहला सोमवार व्रत 6 अगस्त 2018 को दूसरा
सोमवार व्रत, 13 अगस्त 2018 को तीसरा
सोमवार व्रत आैर 20 अगस्त 2018 को सावन माहकाचौथा और अंतिम सोमवार व्रत।शिव जी को औघड़
दानी या भोले भंडारी कहा जाता है। भक्त उन्हें कैसे भी याद करें या उनकी पूजा
करें वे सहज प्रसन्न हो जाते हैं। पंडित दीपक पांडे कहते हैं कि वैसे तो शिव को एक लोटा जल, एक बिल्व पत्र और अक्षत के चंद दाने ही भक्तों
का कष्ट हरने के लिए प्रेरित कर देते हैं, परंतु यदि पूजा के बाद उन्हें तीन बार श्रद्धा पूर्वक बम-बम के नाद के साथ याद
किया जाता है तो शंकर जी को अपार प्रसन्नता होती है।इसलिए इस सोमवार को जब आप शिव जी की पूजा
करें तो इस सहज उच्चारित मंत्र का जाप करना ना भूलें। सावन के सोमवार को शिव जी
की पूजा करते समय सर्वप्रथम शिवलिंग पर गंगाजल चढ़ाएं, यदि गंगाजल ना हो तो तांबे के लोटे में ताजा
शुद्ध जल भरकर शिवलिंग पर अर्पित करें। इसके बाद दूध, दही, शहद,
और चावल शिव जी
परचढ़ायें। तत्पश्चात बेल पत्र, ताजे फल और फूलों को शिवलिंग पर अर्पित करें।
अब चंदन,
रोली और अक्षत
से टीका लगाएं और प्रसाद चढ़ाएं। प्रसाद में मिश्री, मीठे बताशे या मीठा इलायचीदाना चढ़ा सकते हैं। अंत में भगवान शंकर की आरती
करें। इस दिन व्रत रखें और शाम को दोबारा पूजा आरती करके दिन में एक ही बार आहार
ग्रहण करें।सावन का महीने
में देवों के देव महादेव भगवान शिव की पूजा की जाती है। इस अवधि में उनकी पूजा
अर्चना करने से मनुष्य की सभी इच्छाओं की पूर्ति होती है। एेसे में आज जानें की
शिव पूजन के इस माह में आप उन पर कौन से पुष्प अर्पित कर सकते हैं आैर कौन से नहीं
साथ ही उनसे मिलते हैं कौन से आर्शिवाद। कहते हैं कि1-धतूरे के पुष्प
शिव को अर्पित करने से पुत्र की प्राप्ति होती है।2-अकौड़े के फूल
शिव को अर्पण करने से दीर्घ आयु की प्राप्ति होती है।3-एक लाख बिल्वपत्र
अर्पित करने से हर इच्छित वस्तु की प्राप्ति होती है। 4-जवाकुसुम से
शत्रु का नाश होता है।5-बेला से सुंदर
सुयोग्य पत्नी की प्राप्ति होती है।6-हरसिंगार से
सुख संपत्ति की प्राप्ति होती है।7-दुपाहरिया के
पुष्प से आभूषणों की प्राप्ति होती है।8-आक, अलसी और शमी पत्र से मोक्ष की प्राप्ति होती है।9-शंखपुष्प से
लक्ष्मी की प्राप्ति होती है। जबकि10-तुलसी, चंपा और केवड़ा के पुष्प शिव पूजन में निषिद्घ
हैं