राहुल गाँधी ने प्रियंका – सिंधिया को सौपी यूपी मिशन 2019 के चुनाव की तैयारी , 80 लोकसभा सीटो की ये है रणनीति !
नई दिल्ली (न्यूज़ ग्राउंड) आकाश मिश्रा : कांग्रेस अध्यक्ष राहुल
गांधी ने आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर पूर्वी उत्तरप्रदेश की जिम्मेदारी
प्रियंका गांधी वाड्रा को दिया है। वहीं पश्चिमी उत्तरप्रदेश का प्रभार
ज्योतिरादित्य सिंधिया को सौंपा है। रणनीतिक और राजनीतिक रूप से अहम उत्तरप्रदेश
की जिम्मेदारी अपने सबसे भरोसेमंद को देने की वजह से अब वह अन्य राज्यों पर अधिक
ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। उत्तर प्रदेश में लोकसभा की 80 सीटे हैं। राज्य में
बेहतर प्रदर्शन के बगैर जीत की दहलीज तक नहीं पहुंचा जा सकता। इसके लिए राहुल
गांधी को उत्तरप्रदेश में पूरी ताकत झोंकनी पड़ती। लेकिन प्रियंका गांधी वाड्रा और
ज्योतिरादित्य सिंधिया को जिम्मेदारी देने के बाद राहुल को वक्त देने की जरूरत
नहीं होगी। क्योंकि, प्रियंका गांधी कुशल प्रबंधक, मजबूत प्रचारक और बेहतरीन
वक्ता हैं। एक नेता ने कहा कि वह तस्वीर का रुख पलटने की क्षमता रखती हैं। राहुल
गाँधी दोनों नेताओं को अगले विधानसभा चुनावों में प्रदेश में कांग्रेस की सरकार
बनाने मिशन दिया है। अमेठी में एक जनसभा के दौरान राहुल ने कहा कि मैंने प्रियंका
और सिंधिया को उत्तर प्रदेश का महासचिव बनाया है और अगले चुनाव में राज्य में
कांग्रेस की सरकार बनाने का टारगेट दिया है। अब तीन सैनिक है जो आपके लिए देश में
काम कर रहे हैं। अपने संसदीय क्षेत्र की दो दिवसीय यात्रा की समाप्ति से पहले
राहुल एक स्कूल और भगवान शिव के मंदिर गए। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि
पदभार ग्रहण करके प्रियंका यहां आएंगी। राहुल ने कहा कि मैंने प्रियंका से कहा है
कि वह कार्यभार लेने के बाद आपसे आकर मिले। सपा-बसपा गठबंधन पर उन्होंने कहा कि
मैं मुलायम सिंह जी, मायावती जी और अखिलेश जी का सम्मान करता हूं। मगर राज्य में
हमें अपनी जगह बनानी है। हम लोकसभा चुनाव में पूरी ताकत से लड़ेंगे और विधानसभा
चुनाव जीतकर राज्य में कांग्रेस की सरकार बनाएंगे। इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष ने
कहा था कि कांग्रेस लोकसभा में अकेले लड़ेगी। उन्होंने कांग्रेस को कम नहीं आंकने
की बात कहते हुए कहा था कि चुनाव के परिणाम सबको चौंका सकते हैं। इस मौके पर राहुल
ने फूड पार्क और पेपर मिल संबंधित दूसरे विकास कार्यों को लेकर केंद्र की एनडीए
सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश और केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनते ही
अमेठी और रायबरेली में सभी विकास कार्य फिर से चालू हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि
अमेठी को फूड पार्क वापस मिलेगा, आपको वह सब वापस मिलेगा जो केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और
प्रदेश की योगी सरकार ने आपको नहीं दिया। छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में कांग्रेस
सरकार ने किसानों के कल्याण के काम शुरू कर दिए हैं। एक अन्य जनसभा में उन्होंने
जीएसटी, नोटबंदी, राफेल और सीबीआई के
मुद्दे पर केंद्र को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि हम यहां भाजपा को हराने के
लिए हैं। मैं प्रधानमंत्री की तरह भाजपा मुक्त भारत का नारा नहीं दूंगा क्योंकि हम
नफरत की बात नहीं करते। हम सम्मान से बात करते हैं। मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में
विधानसभा चुनाव जीतने के बाद राहुल गांधी नेताओं की 'टीम' को जिम्मेदारी सौंप चुके
हैं। महाराष्ट्र और बिहार में गठबंधन अंतिम दौर में है। ऐसे में राहुल कुछ खास सीट
या किसी एक प्रदेश पर अधिक ध्यान देने के बजाए पूरे भारत में प्रचार कर पाएंगे।
वहीं, प्रियंका गांधी वाड्रा का
रायबरेली-अमेठी के दायरे से बाहर निकलने का भी फायदा मिलेगा। पार्टी नेता मानते
हैं कि लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान प्रियंका गांधी पूर्वी उत्तरप्रदेश के अलावा
दूसरे प्रदेशों में भी हिस्सा ले सकती हैं। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की नजर
उत्तरप्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और तमिलनाडु पर हैं। रणनीतिकार मानते हैं कि इन
प्रदेशों में पार्टी भाजपा गठबंधन को रोकने में सफल रही, तो 2019 में भाजपा को सरकार बनाना
मुश्किल होगा। बिहार, महाराष्ट्र और तमिलनाडु में कांग्रेस का गठबंधन में चुनाव
लड़ना तय है। पर उत्तरप्रदेश में सपा-बसपा गठबंधन ने पार्टी के चुनावी समीकरण बिगाड़
दिए थे। ऐसे में पार्टी ने प्रियंका गांधी वाड्रा को जिम्मेदारी सौंपकर चुनावी
मैदान में ताल ठोक दी है। इसके जरिए पार्टी ने अपनी स्थिति भी बेहतर बनाई है।