आरएसएस के एक राज्यपाल से आप और क्या आशा रख सकते हो : मुख्यमंत्री
चंडीगढ़ भारतीय जनता पार्टी के सियासी आकाओं की इच्छा और वाहिशें पूरी करने के लिए संविधान और लोकतांत्रिक सियासत का हत्याकांड करने के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री कैह्रश्वटन अमरिंदर सिंह ने कर्नाटक के राज्यपाल की तीखी आलोचना की है।
कर्नाटक में पिछले 24 घंटों के दौरान घटी घटनाओं संबंधी ताबड़-तोड़ बयान जारी करते हुए मुख्यमंत्री ने राज्यपाल वाजूभाई रूधाभाई वाला की तरफ से कर्नाटक में सरकार बनाने के लिए अल्पसंख्यक पार्टी को न्योता देकर भारतीय लोकतंत्र और संविधान का कत्ल करने की शर्मनाक घटना पर गहरी चिंता प्रकट की। कैह्रश्वटन अमरिंदर सिंह ने कहा कि यह बहुत निराशाजनक घटना है कि राज्यपाल ने वरोधी पक्ष को तोडऩे और खऱीदो -फऱोख़्त के लिए भारतीय जनता पार्टी को समय दिया है। उन्होंने कहा, आर एस एस के एक राज्यपाल की तरफ से आप और क्या आशा कर सकते हो?’’ए मुख्यमंत्री ने कहा कि जो भी घटनाएँ घटीं हैं वह सिर्फ निराश करने वाली ही नहीं हैं बल्कि भारत के लिए ख़तरनाक भी हैं। पत्रकारों के एक ग्रुप के साथ बातचीत की।
उन्होंने कहा, ‘‘हम नहीं चाहते कि भारत पाकिस्तान बने जहां हर कदम पर तानाशाहों और सेना की ओर से लोकतंत्र को हानि पहुंचाई गई है।’’समूचा देश कर्नाटक के राज्यपाल से यह जानना चाहता है कि उन्होंने किस तर्क के आधार पर अल्पसंख्यक भाजपा को सरकार बनाने का न्योता दिया जबकि हाल ही में गोआ और मणीपुर मतदान में हंग पोल होने के मामलों में मतदान के बाद के बहुमत गठजोड़ के हक में स्पष्ट तौर पर मिसाल स्थापित की गई है। उन्होंने कहा कि बहुमत के समर्थन वाली पार्टी को सरकार बनाने का राज्यपाल की तरफ से न्योता दिया जाना चाहिए था और तुरंत सदन में बहुमत साबित करवाना चाहिए न कि अल्पसंख्यक पार्टी को सरकार बनाने और बहुमत साबित करने के लिए 15 दनों का समय देकर विपक्ष को तोडऩे और खऱीदो -फऱोख़्त का रास्ता खोलना चाहिए था।