गुरुग्राम वजीरपुर ग्राम पंचायत के सरपंच ठाकुर शेर सिंह चैहान का कहना है कि दूसरे खेलों की तरह फुटबाल में भी खिलाडिय़ों के बेहतर केरियर की भरपूर संभावनाएं हैं। इस खेल से खिलाडिय़ों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छी पहचान मिलती है।
सेक्टर-92 के प्रणवानंद इंटरनेशनल स्कूल में दिल्ली यूनाइटेड फुटबाल क्लब के प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन करने के बाद प्रशिक्षुओं व स्कूल स्टाफ को संबोधित करते हुए सरपंच शेर सिंह चैहान ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में खिलाडिय़ों का फुटबाल की ओर तेजी से झुकाव हुआ है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फुटबाल की विशेष पहचान व खिलाडिय़ों के उज्जवल भविष्य को भी इसमें एक प्रमुख कारण माना जा सकता है। उन्होंने कहा कि हमारे देश में भी विभिन्न फुटबाल क्लब ने इस खेल को काफी बढ़ावा दिया है।
फुटबाल खेल को बढ़ावा देने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के लिए उन्होंने प्रणवानंद इंटरनेशनल स्कूल संचालकों को बधाई दी और विश्वास जताया कि इस स्कूल मैदान पर प्रशिक्षण लेने वाले खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशेष पहचान कायम करेंगे और देश में फुटबाल खेल को और अधिक लोकप्रिय बनाने में अपना योगदान देंगे। इस अवसर पर स्कूल संचालक मंडल के सचिव स्वामी सिद्धार्थानंद स्कूल प्राचार्य संजय पांडा और दिल्ली यूनाईटेड फुटबाल क्लब के मुख्य कोच कृष्ण एक्का ने भी प्रशिक्षुओं को संबोधित किया। उन्होंने फुटबाल का प्रशिक्षण लेने वाले खिलाडिय़ों का आहवान किया कि उनमें खेल के मैदान में सफलता के लिए एकाग्रता, उत्साह और जीत हासिल करने की भावना कायम रहनी चाहिए। खिलाड़ी को इतनी एकाग्रता विकसित कर लेनी चाहिए कि उसे खेल के मैदान पर फुटबाल की बॉल और गोल पोस्ट के अलावा और कुछ न दिखाई दे और न सुझाई दे।
उनका अपनी टीम के सदस्यों से जितना बेहतर तालमेल होगा उतनी ही विजयी होने की संभावना बढ़ जाएगी। स्वामी सिद्धर्थानंद ने खिलाडिय़ों को अपनी शुभकामना देते हुए कहा कि मैदान पर वे हमेशा खेल भावना बनाएं रखें। उन्होंने कहा कि उनके स्कूल में विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय शिक्षा देने के साथ-साथ नैतिक शिक्षा,
देश प्रेम व खेलों के प्रति लगाव के लिए शिक्षित व प्रेरित किया जाता है। स्कूल का पूरा स्टाफ व प्रबंधन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर बल देता है।