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न्यूज़ ग्राउंड विशेष
By   V.K Sharma 08/09/2019 :13:32
वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी का 95 साल की उम्र में निधन, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने जताया शोक, सुब्रमण्यम स्वामी ने लिखा- `अलविदा दोस्त`
 


नई दिल्ली (न्यूज़ ग्राउंड) आकाश मिश्रा : सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी का दिल्ली में उनके उनके आवास पर 95 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। जेठमलानी के बेटे महेश जेठमलानी ने बताया कि उन्होंने अंतिम सांस आज सुबह 7:45 बजे ली। देश के दिग्गज वकीलों में एक अरसे तक शुमार रहने वाले जेठमलानी कई केस लड़े जो मीडिया की सुर्खियों में रहे। उनके केस के चर्चा देश विदेश में होती थी।  वह राष्ट्रीय जनता दल से वर्तमान में राज्यसभा सांसद थे। उन्हें राजद ने 2016 में राज्यसभा भेजा था। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में कानून मंत्री का पदभार संभाला था। उनके निधन पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उप राष्ट्रपति वैंकेया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शोक व्यक्त किया है। राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए ट्विटर पर लिखा, ''मेरे दोस्त से शत्रु बने और फिर बहुत अच्छे दोस्त बने राम जेठमलानी का 95 वर्ष की आयु में आज निधन हो गया. अलविदा दोस्त

दो बार मुंबई लोकसभा सीट से भाजपा सांसद चुने गए। हालांकि 2004 में उन्होंने अटल बिहारी के खिलाफ चुनाव भी लड़ा था। उनका जन्म अविभाजित भारत के सिंध प्रांत (वर्तमान पाकिस्तान) में 14 सितंबर 1923 को हुआ था। विभाजन के बाद उनका परिवार भारत आ गया था। वह कोर्ट में बिना माइक के जिरह किया करते थे। वह अपने मुकदमों के अलावा अपने बयानों के कारण भी अक्सर चर्चा में रहते थे।

आज शाम को लोधी रोड पर होगा अंतिम संस्कार : जेठमलानी के बेटे महेश जेठमलानी ने बताया कि जेठमलानी ने नई दिल्ली में अपने आधिकारिक आवास में सुबह पौने आठ बजे अंतिम सांस ली। महेश और उनके अन्य निकट संबंधियों ने बताया कि उनकी तबियत कुछ महीनों से ठीक नहीं थी। उनके बेटे ने बताया कि कुछ दिन बाद 14 सितंबर को राम जेठमलानी का 96वां जन्मदिन आने वाला था। महेश ने बताया कि उनके पिता का अंतिम सरकार यहां लोधी रोड स्थित शवदाहगृह में शाम को किया जाएगा।

राष्ट्रपति ने जताया शोक : राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने जेठमलानी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा, 'पूर्व केंद्रीय मंत्री और एक अनुभवी वकील श्री राम जेठमलानी के निधन से दुखी हूं। वह अपनी विशिष्ट वाक्पटुता के साथ सार्वजनिक मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त करने के लिए जाने जाते थे। राष्ट्र ने एक प्रतिष्ठित न्यायविद्, विद्वान और बुद्धिमान व्यक्ति खो दिया।'

पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वरिष्ट वकील को श्रद्धांजलि देते हुए कहा, 'राम जेठमलानी के सबसे अच्छे पहलुओं में से एक उनकी अपने मन की बात कहने की क्षमता थी। वह ऐसा बिना किसी डर के करते थे। आपातकाल के काले दिनों के दौरान उन्हें   स्वतंत्रता और लोगों के अधिकारों की लड़ाई के लिए याद किया जाएगा। जरूरतमंदों की मदद करना उनके व्यक्तित्व का एक अभिन्न हिस्सा था। मैं खुद के भाग्यशाली मानता हूं कि मुझे उनसे मुलाकात करने के कई मौके मिले। इस दुखद क्षण में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार, दोस्तों और प्रियजनों के साथ हैं। वह बेशक अब हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उनका कार्य हमारा पथ प्रदर्शन करता रहेगा। ओम शांति।'

नियमों में किया गया था संशोधन : 17 साल की उम्र में जेठमलानी ने वकालत की डिग्री प्राप्त कर ली थी। उस समय नियमों में संशोधन करके उन्हें 18 साल की उम्र में प्रैक्टिस करने की इजाजत दी गई। जबकि नियमानुसार प्रैक्टिस करने की उम्र 21 वर्ष तय थी। उन्हें यह छूट इसलिए दी गई थी क्योंकि उन्होंने अदालत से अनुरोध करते हुए एक आवेदन दिया था। जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया था।

प्रमुख केस : राम जेठमलानी ने कई बड़े केस लड़े हैं। जिनमें नानावटी बनाम महाराष्ट्र सरकार, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के हत्यारों सतवंत सिंह और बेअंत सिंह, हर्षद मेहता स्टॉक मार्केट स्कैम, हाजी मस्तान केस, हवाला स्कैम, मद्रास हाईकोर्ट, आतंकी अफजल गुरु, जेसिका लाल मर्डर केस,  2जी स्कैम केस और आसाराम का मामला शामिल है.

मुफ्त लड़े कई केस : जेठमलानी एक समय पर भारत में सबसे ज्यादा टैक्स देने वाले लोगों की सूची में शामिल थे। उन्होंने कई केस मुफ्ट में भी लड़े हैं। अपने बेबाक अंदाज और तेवर के कारण कभी वाजपेयी सरकार में कैबिनेट मंत्री की जिम्मेदारी संभालने वाले जेठमलानी को भाजपा ने छह साल के लिए प्रतिबंधित किया था। जिसके कारण उन्होंने वाजपेयी के खिलाफ चुनाव लड़ा था।

दिल्ली के सीएम का लड़ा था केस : जेठमलानी ने एक समय दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का केस लड़ा था। इस केस के समय उन्होंने केजरीवाल को तीन करोड़ का बिल थमा दिया था। इसके बाद यह केस काफी चर्चा में रहा। जेठमलानी ने 95 साल की उम्र में इस दुनिया के अलविदा कह चुके हैं। वह अपने दौर के सबसे चर्चित और महंगे वकीलों में शुमार हुआ करते थे। वह दिग्गज वकील होने के साथ-साथ केंद्रीय कानून मंत्री भी रह चुके थे। वह करीब दो हफ्ते से बीमार चल रहे थे।। उन्होंने अपनी उम्र और सेहत को देखते हुए साल 2017 में सन्यास ले लिया था। छह दिनों के बाद उनका 96वां जन्मदिन था। 

क्या था अरविंद केजरीवाल का मामला : पूर्व वित्त मंत्री और भाजपा के नेता अरुण जेटली ने एक समय दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के खिलाफ मानहानी का केस दर्ज करा दिया था। इसके केस में अरविंद केजरीवाल की तरफ से पैरवी करने पहुंचे राम जेठमलानी ने उस वक्त केस का बिल जब दिया तो वह मीडिया में सुर्खियों में आ गया। उन्होंने तीन करोड़ से ज्यादा का बिल थमा दिया था। इसके बाद कुछ विवाद भी हुआ मगर उन्होंने कहा कि अगर अरविंद केजरीवाल उनकी फीस भरने में असमर्थ हैं तो वह उन्हें गरीब मान कर बिना फीस उनका केस लड़ेंगे अरुण जेटली ने केजरीवाल समेत छह 'आप' नेताओं पर 10 करोड़ रुपये का मानहानि दावा ठोका था। जेटली ने आरोप लगाया था कि केजरीवाल व अन्य नेताओं ने उन पर डीडीसीए अध्यक्ष रहते हुए वित्तीय अनियमितता का झूठा आरोप लगाया है। इसी मामले में ही राम जेठमलानी अरविंद केजरीवाल की ओर से कोर्ट पहुंचे थे। जेटली 13 साल तक डीडीसीए के अध्यक्ष थे। जेटली ने इन आरोपों को खारिज करते हुए दिसंबर 2015 में पटियाला हाउस कोर्ट में मानहानि का आपराधिक व हाई कोर्ट में दीवानी मुकदमा दायर किया था।



V.K Sharma
Editor in Chief
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