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राजनीति
By   V.K Sharma 06/04/2019 :14:03
भाजपा के 39 वे स्थापना दिवस: पीएम मोदी ने कार्यकर्ताओं को दी बधाई, कहा-देश के लिए करेंगे और काम, कही ये बड़ी बातें ।
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नई दिल्ली (न्यूज़ ग्राउंड)आकाश मिश्रा : भाजपा के 39वें स्थापना दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यकर्ताओं को बधाई दी। उन्होंने लिखा आज से 39 साल पहले भाजपा ने कस्म खाई थी कि वो समाज और देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। हमारे कार्यकर्ताओं के प्रयासों की वजह से ही आज भाजपा भारत की पसंदीदा पार्टी बन गई है। पिछले पांच सालों में काफी कुछ हुआ है और हम आगे भी देश के लिए और काम करना चाहते है।पीएम ने अपने दूसरे ट्वीट में लिखा की पार्टी के कार्यकर्ता दिन-रात काम करते रहेंगे, ताकि एक बार फिर हमारे सहयोगी भारतीय एक बार फिर से लोगों का आशीर्वाद मिले। लोकतंत्र और देशभक्ति के उत्साह के कारण भाजपा का ये सफर लंबा है। ये एक ऐसी पार्टी है जो हमेशा जमीन से जुड़ी है, साथ ही भारतीयों की मदद करने में सबसे आगे है। हमारे विकास कार्यों ने ही पार्टी को भारत के के हर एक कौने में समाज के सभी वर्गों तक पहुंचाया है।उन्होंने लिखा, मुझे पूरा विश्वास है कि भाजपा के कार्यकर्ताओं का पूरा परिवार दिन-रात काम करेगा, ताकि यह सुनश्चित किया जा सके की हमारी पार्टी एक बार फिर भारतीयों का आशीर्वाद हासिल कर सके। पिछले पांच सालों में पार्टी ने बहुत कुछ किया है और हम देश के लिए अभी और भी काम करना चाहते हैं।वहीं इस मौके पर राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा, ''भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस के अवसर पर मैं संगठन के उन सभी महापुरुषों को नमन करता हूं जिन्होंने पार्टी के लिए अपना सर्वस्व अर्पण कर आज हमें इस वैभव तक पहुंचाया है.''इस मौके पर दिल्ली में स्थिति भाजपा के मुख्यालय में मंत्री,सांसद सहित कार्यकर्ताओं को लगा मजमा।

देश में चल रहे चुनावी मौसम के बीच 6 अप्रैल का इतिहास भाजपा के लिए  खास अहमियत रखता है। भारतीय जनता पार्टी की स्थापना 1980 में इसी दिन यानी 6 अप्रैल को हुई थी। श्यामा प्रसाद मुखर्जी द्वारा 1951 में स्थापित भारतीय जन संघ से इस नई पार्टी का जन्म हुआ। 1977 में आपातकाल की घोषणा के बाद जनसंघ का कई अन्य दलों से विलय हुआ और जनता पार्टी का उदय हुआ। पार्टी ने 1977 के आम चुनाव में कांग्रेस से सत्ता छीन ली और 1980 में जनता पार्टी को भंग करके भारतीय जनता पार्टी की नींव रखी गई। 
(1951-52)
21 अक्टूबर, 1951 को भारतीय जनसंघ का गठन किया गया लेकिन प्रकिया 1951 में शुरू हुई थी। 21 अक्टूबर को ही दिल्ली के कन्या माध्यमिक विधालय परिसर में भारतीय जनसंघ का राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया था जिसमें डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी मौजूद थे और इन्ही के अध्यक्षता में अखिल भारतीय जनसंघ की स्थापना हुई। पार्टी का झंडा आयताकार भगवा ध्यज झंजे के रूप में स्वीकृत किया था। साथ ही तभी पार्टी ने प्रथम चुनाव को लेकर घोषणापत्र को भी स्वीकृत किया था। पहली बार 1952-52 में आम चुनाव हुए जिसमें भारतीय जनसंघ ने तीन सीटें जीती थीं। 
(1953-54)
इसी साल भारतीय जनसंघ ने कश्मीर और राष्ट्रीय एकता के मसले पर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने आंदोलन आरंभ किया था साथ ही कश्मीर को अनुदान देने का विरोध भी किया था। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया, जहां रहस्यमय परिस्थितियों में उनकी मृत्यु हो गई थी। 2 मई 1954 को देश में एकता दिवस भी मनाया गया।
 (1955-57)
23 जून, 1955 को भारतीय जनसंघ के महामंत्री जगन्नाथ राव जोशी ने 100 सत्याग्रहियों के साथ गोवा के लिए प्रस्थान किया और नारा दिया गया गोवा चलो। 9 दिसंबर से 16 दिसंबर तक गोवा मुक्ति सप्ताह का आयोजन किया गया। भारतीय जनसंघ तीन सीटों से आगे बढ़ते हुए 1957 के लोकसभा चुनाव में  चार सीटें जीती थीं। 
(1958-1962)
जनसंघ ने इस साल बेरूबाड़ी जन आंदोलन की शुरूआत की थी। यह आंदोलन नेहरु-नून समझौते के तहत बेरूबाड़ी केंद्र शासित प्रदेश को पाकिस्तान को सौंपने का विरोध किया गया था। 1962 के लोकसभा चुनाव में जनसंघ ने तब 14 सीटें जीती थीं।
(1964-67)
भारत और पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के मुद्दे पर डॉ. राम मनोहर लोहिया और पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने संयुक्त बयान दिया था। 1967 के विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश और हरियाणा में हुए चुनाव में जनसंघ दूसरे नंबर की पार्टी बनकर उभरी थी और लोकसभा चुनाव में पार्टी को 35 सीटें हासिल हुई थी। 
(1971-1975)
1971 के लोकसभा चुनाव में इंदिरा गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी को भारी जीत मिली थी। वहीं जनसंघ ने 22 सीटों पर जीत दर्ज की। इंदिया गांधी की सरकार ने 1975 में आपातकाल लागू कर दिया जिसमें जनसंघ के अलावा अनेक नेता और कार्यकर्ताओं को जेल भेज दिया गया। इस दौरान जॉर्ज फर्नांडीज भी जेल गए। 
(1977-80)
आपातकाल हटने के बाद 1977 में जनसंघ का जनता पार्टी में विलय हो गया। साथ ही 1980 में जनता पार्टी आपसी स्पर्धा की शिकार हो गई जिसके बाद भारतीय जनता पार्टी का गठन हुआ। 1980 लोकसभा चुनाव में इंदिरा गांधी को बड़ी सफलता मिली।  
(1986-89)
भाजपा ने बोफोर्स रिश्वत कांड को लेकर भष्टाचार विरोधी आंदोलन चलाया। 1989 में ही भाजपा और शिवसेना का गठबंधन हुआ। इसके बाद भाजपा की लोकसभा सीटें दो से बढ़कर 85 पर पहुंच गईं।

 (1990-91)
लालकृष्ण आडवाणी की राम रथ यात्रा सोमनाथ से अयोध्या तक प्रारंभ हुई। रथ यात्रा को तब बिहार के मुख्यमंत्री ने लालू यादव ने रोक दिया था। 1991 के आम चुनाव में भाजपा 120 सीटों पर पहुंच गई और मुरली मनोहर जोशी को पार्टी का अध्यक्ष बनाया गया।
(1993-95)
इस दौरान भारतीय जनता पार्टी का आधार उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में बढ़ने लगा था। साथ ही 1995 आते-आते बिहार, ओडिशा, गोवा, गुजरात जैसे राज्यों में भाजपा के टिकट पर विधायक चुनाव जीत रहे थे। 
(1996-98)
1996 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 161 सीटें जीतीं। अटल बिहारी वाजपेयी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली, लेकिन 13 दिनों के बाद ही सरकार गिर गई। भाजपा ने 1998 में जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के नेतृत्व में चुनाव लड़ा और अटल बिहारी वाजपेयी एकबार फिर प्रधानमंत्री बन गए। 
(1999-2004)
1999 में एनडीए ने 303 सीटें जीतीं और अटल बिहारी वाजपेयी तीसरी बार प्रधानमंत्री बने। लेकिन 2004 में समय से छह महीने पहले ही चुनाव कराया गया और इंडिया शाइनिंग के नारे के बावजूद एनडीए हार गई। 
(2008-09)
2008 में भाजपा ने दक्षिण राज्य कर्नाटक में पहली बार सरकार बना ली। लेकिन 2009 का लोकसभा चुनाव भाजपा हार गई और सीटें घटकर 116 हो गईं। 
(2014)
2014 लोकसभा चुनाव कई मायनों में महत्वपूर्ण था। एक तरफ यूपीए सरकार पर भ्रष्टाचार के कई आरोप लगे थे तो दूसरी तरफ गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार थे। 26 मई को नतीजे आए तो सभी आश्चर्यचिकत रह गए। भाजपा अपने दम पर 282 सीटें लेकर आई और नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने। 



V.K Sharma
Editor in Chief
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