Breaking News
इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स द्वारा आयोजित दो दिन की राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस  |  गोरखपुर: गुरुनानक के जयघोष से गुंजायमान रहा वातावरण,हर्षोल्लास से मना 550वां प्रकाश पर्व..  |  Ayodhya Case Verdict 2019: सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले से श्री राम का वनवास खत्म, मंदिर निर्माण का रास्ता साफ, कोर्ट में महत्वपूर्ण साबित हुईं ये दलीलें,पढ़िए पूर्ण विश्लेषण !  |  अयोध्या फैसले को लेकर भटहट क्षेत्र में लिया गया सुरक्षा का जायजा और लोगों से शांति बनाए रखने की गई अपील  |  श्री साधुमार्गी जैन श्रावक संघ द्वारा विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन A.I.I.M.S के तत्वाधान में किया गया।  |  गोरखपुर:चैनल में करंट उतर से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत  |  चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनाव की तारीखों का किया ऐलान, ये 4 मुद्दे हो सकते हैं भाजपा के लिए गेमचेंजर !   |  दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव 2019 : अध्यक्ष समेत तीन सीटों पर ABVP की जबरदस्त जीत, NSUI को मिला सचिव पद !  |  रांची पहुंचे पीएम नरेंद्र मोदी, झारखंड को दी 7 नई सौगातें !   |  देहदान अंगदान समाज की एक बड़ी जरूरत - हर्ष मल्होत्रा  |  
अन्तरराष्ट्रीय
By   V.K Sharma 14/03/2019 :11:20
ब्रिटिश सांसदों ने 242 के मुकाबले 391 मतों से खारिज किया ब्रेग्जिट करार
Total views  692
लंदन ब्रिटिश संसद के निचले सदन हाउस ऑफ कॉमंस ने मंगलवार देर रात प्रधानमंत्री टेरीजा मे के ब्रेग्जिट करार को दूसरी बार खारिज कर दिया। इससे ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से अलग होने की तय तारीख से दो हफ्ते पहले देश अनिश्चितता के दौर में प्रवेश कर गया है।

हाउस ऑफ कॉमंस ने 242 के मुकाबले 391 वोटों से इस करार को खारिज कर दिया। इससे पहले ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरीजा मे ने ब्रेक्जिट समझौते पर अपनी कन्जर्वेटिव पार्टी के सांसदों से अपील की थी कि वे अपनी व्यक्तिगत प्राथमिकताओं को दरकिनार कर इस समझौते पर एकजुट हों। ब्रिटेन को 29 मार्च को 28 सदस्यीय यूरोपीय संघ से अलग होना है, लेकिन मे इस संबंधी समझौते को लेकर संसद में समर्थन हासिल करने के लिए संघर्ष कर रही हैं। टेरीजा ने पिछले महीने अपनी पार्टी के सभी 317 सांसदों को पत्र लिखकर अपील की थी कि वे च्निजी प्राथमिकताओं को दरकिनार करें। उन्होंने चेताया था कि यदि ब्रिटेन बिना किसी समझौते के ईयू से बाहर निकलता है तो इससे च्हमारी अर्थव्यवस्था और आमजन के दैनिक जीवन पर बुरा असर पड़ेगा। इससे देश और यूरोपीय संघ में रोजगार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। गौरतलब है कि ब्रिटेन के ‘हाउस ऑफ कॉमन्स’ ने जनवरी में भी समझौते को खारिज कर दिया था और इसमें ठोस बदलाव न होने की स्थिति में इसके मंगलवार को भी ऐसा ही करने की आशंका थी। मे की इस हार के बाद ब्रिटेन के सांसद बुधवार को वोट देंगे कि बिना समझौते के 29 मार्च को ईयू को छोड़ा जाए अथवा नहीं।



V.K Sharma
Editor in Chief
Live Tv
»»
Video
»»
Top News
»»
विशेष
»»


Copyright @ News Ground Tv